@शब्द दूत ब्यूरो (06 जून 2026)
काशीपुर। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा काशीपुर के स्टेडियम तिराहे का नाम गुरु ननकाना साहिब चौक रखने एवं उसके सौंदर्यीकरण की घोषणा से क्षेत्र के सिख समाज में खुशी की लहर दौड़ गई है। सिख समाज ने मुख्यमंत्री के इस निर्णय को गुरु नानक देव जी के प्रति सम्मान, श्रद्धा और आस्था का प्रतीक बताते हुए स्वागत किया है।
गौरतलब है कि काशीपुर नगर निगम क्षेत्र के प्रमुख चौराहों एवं तिराहों के नामकरण और सौंदर्यीकरण की योजना महापौर Deepak Bali द्वारा तैयार की गई थी। इसके लिए जिला स्तरीय विकास प्राधिकरण को प्रस्ताव भेजा गया था, जिसमें शहर के ऐतिहासिक, धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व वाले स्थलों के अनुरूप चौराहों के नाम प्रस्तावित किए गए।
प्रस्ताव के अनुसार काशीपुर में निम्न प्रमुख चौराहों एवं तिराहों का सौंदर्यीकरण किया जाना है—
- चैती चौक (बाजपुर रोड) — मां बाला सुंदरी देवी चौक
- टांडा तिराहा — चौधरी चरण सिंह चौक
- मंडी तिराहा — भगवान महावीर चौक
- चीमा चौराहा (रामनगर रोड) — महाराजा अग्रसेन चौक
- चैती तिराहा (जसपुर खुर्द) — भगवान परशुराम चौक
- स्टेडियम तिराहा — गुरु ननकाना साहिब चौक
- मुख्य चौराहा — महाराणा प्रताप चौक
इनमें से गुरु ननकाना साहिब चौक और महाराणा प्रताप चौक के सौंदर्यीकरण कार्य का शिलान्यास बीते रोज किया जा चुका है। मुख्यमंत्री द्वारा हाल ही में काशीपुर के विकास कार्यों के वर्चुअल लोकार्पण एवं शिलान्यास कार्यक्रम के दौरान इन परियोजनाओं को गति देने की घोषणा की गई।
मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद कार्यक्रम स्थल पर मौजूद सिख समाज के लोगों में विशेष उत्साह देखने को मिला। लोगों ने इसे सिख धर्म और गुरु परंपरा के प्रति सम्मान का प्रतीक बताते हुए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। सिख समाज का कहना है कि मुख्यमंत्री धामी सदैव सिख धर्मस्थलों और परंपराओं के प्रति सम्मान का भाव रखते हैं तथा प्रदेश के प्रमुख धार्मिक स्थलों का उल्लेख करते समय हेमकुंड साहिब को भी विशेष महत्व देते हैं।
वहीं, मुख्य चौराहे को महाराणा प्रताप चौक के रूप में विकसित किए जाने की घोषणा से राजपूत एवं चौहान समाज में भी प्रसन्नता का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि शहर के प्रमुख चौराहों को महान विभूतियों और धार्मिक आस्थाओं से जोड़कर विकसित किए जाने से काशीपुर को नई सांस्कृतिक पहचान मिलेगी।
नगरवासियों ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और महापौर दीपक बाली का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह पहल न केवल शहर के सौंदर्यीकरण में सहायक होगी, बल्कि नई पीढ़ी को अपने इतिहास, संस्कृति और महापुरुषों से जोड़ने का भी कार्य करेगी।
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