@शब्द दूत ब्यूरो(02 जून 2026)
देहरादून। उत्तराखंड की मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सरकार पूर्व सैनिकों के कल्याण से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर गंभीरता से विचार कर रही है। इसी क्रम में पूर्व सैनिकों के लिए नई शस्त्र लाइसेंस नीति तैयार किए जाने को लेकर गृह विभाग स्तर पर मंथन चल रहा है। साथ ही, जमीनी विवादों में फंसे पूर्व सैनिकों को निशुल्क कानूनी सहायता उपलब्ध कराने की योजना पर भी चर्चा की जा रही है।
सूत्रों के अनुसार सेना से सेवानिवृत्त होने वाले सैनिकों की लंबे समय से मांग रही है कि उन्हें शस्त्र लाइसेंस प्राथमिकता के आधार पर प्रदान किए जाएं। सेना में सेवा के दौरान हथियार सैनिक के जीवन का अभिन्न हिस्सा बन जाता है और सेवानिवृत्ति के बाद भी कई पूर्व सैनिक आत्मरक्षा तथा निजी सुरक्षा क्षेत्र में रोजगार के अवसरों के लिए शस्त्र लाइसेंस को आवश्यक मानते हैं। सरकार इस मांग को गंभीरता से लेकर नई नीति पर विचार कर रही है।
राज्य सरकार अग्निवीर योजना के तहत सेना से लौटने वाले युवाओं के भविष्य को सुरक्षित बनाने की दिशा में भी काम कर रही है। सरकार पहले ही पुलिस, जेल प्रहरी और वन सुरक्षा जैसे विभागों में अग्निवीरों के लिए 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण की घोषणा कर चुकी है। संबंधित विभागों को आगामी दिसंबर से पहले भर्ती प्रक्रियाएं शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार का मानना है कि सेना से प्रशिक्षित और अनुशासित युवाओं की नियुक्ति से आंतरिक सुरक्षा तंत्र को मजबूती मिलेगी और प्रशिक्षण पर होने वाला अतिरिक्त खर्च भी कम होगा।
इसके अलावा राज्य सरकार निजी क्षेत्र को भी अग्निवीरों के लिए रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रेरित कर रही है। स्वरोजगार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विशेष योजनाओं पर भी कार्य किया जा रहा है। सूत्रों का कहना है कि पूर्व सैनिकों की तर्ज पर पूर्व अर्धसैनिक बलों के कर्मियों के कल्याण से संबंधित योजनाओं पर भी अंतिम चरण का विमर्श चल रहा है।
सरकार की योजना सेवानिवृत्त सैनिकों और उनके बच्चों को राष्ट्र निर्माण से जुड़े प्रशिक्षण कार्यक्रमों से जोड़ने की भी है, ताकि उनके अनुभव और कौशल का समाज एवं राष्ट्र के विकास में बेहतर उपयोग हो सके।
उत्तराखंड पूर्व सैनिक कल्याण सलाहकार परिषद के अध्यक्ष कर्नल (सेवानिवृत्त) अजय कोठियाल ने बताया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के साथ पूर्व सैनिकों के कल्याण संबंधी विषयों पर कई दौर की चर्चा हो चुकी है। शासन स्तर पर भी मुख्यमंत्री के निर्देश पर विभिन्न प्रस्तावों पर व्यापक संवाद हुआ है। उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार जल्द ही इन विषयों पर महत्वपूर्ण निर्णय ले सकती है।
कर्नल कोठियाल ने कहा कि समान नागरिक पेंशन योजना से लाखों पूर्व सैनिकों को लाभ मिला है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विभिन्न पहलों का उल्लेख करते हुए कहा कि लंबे समय से लंबित कई मांगों को पूरा करने की दिशा में केंद्र सरकार ने महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि वह स्वयं एक सैनिक पुत्र हैं और देवभूमि उत्तराखंड वीरों की भूमि रही है। उन्होंने कहा कि राज्य के सैनिकों ने सदैव राष्ट्र सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार पूर्व सैनिकों और पूर्व अर्धसैनिक बलों के जवानों के कल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार उनके बेहतर भविष्य के लिए नए प्रस्तावों पर विचार कर रही है तथा प्रदेश में भव्य सैन्यधाम की स्थापना का कार्य भी अंतिम चरण में पहुंच चुका है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश का प्रत्येक पूर्व सैनिक परिवार सरकार के लिए अपने परिवार के समान है।
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