@शब्द दूत ब्यूरो (05 फरवरी 2026)
काशीपुर। यूजीसी द्वारा लागू किए गए नियम 2026 के विरोध में काशीपुर में सामाजिक और शैक्षिक संगठनों का गुस्सा सड़कों पर साफ नजर आया। “यूजीसी बिल हटाओ संघर्ष समिति” के आह्वान पर जोरदार रैली निकालते हुए महामहिम राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन उपजिलाधिकारी के माध्यम से प्रेषित किया गया। रैली का नेतृत्व एडवोकेट हरि सिंह और संजय चतुर्वेदी ने किया।
ज्ञापन में समिति ने आरोप लगाया कि यूजीसी का यह फैसला देश की शैक्षणिक व्यवस्था में गंभीर असंतुलन पैदा करने वाला है। यह निर्णय योग्यता, परिश्रम और समान अवसर की संवैधानिक भावना के विपरीत बताया गया, जिससे शिक्षाविदों, छात्रों और अभिभावकों में भारी रोष है। समिति के अनुसार यह मुद्दा अब राष्ट्रीय मीडिया और सामाजिक मंचों पर भी प्रमुखता से उठ रहा है।
संगठन ने चेताया कि इस निर्णय से समाज में असंतोष, असुरक्षा और असमानता की भावना बढ़ रही है, जो राष्ट्रहित के लिए घातक है। समिति ने स्पष्ट किया कि विरोध किसी वर्ग विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि सबको समान और न्यायपूर्ण अवसर दिलाने के उद्देश्य से है।
मांगों में यूजीसी के निर्णय को तत्काल निरस्त करने, शिक्षाविदों की नई समिति गठित कर जनभावनाओं के अनुरूप नई व्यवस्था लागू करने की बात प्रमुख रही। प्रदर्शन के दौरान अग्रवाल सभा, क्षत्रिय सभा, पंजाबी सभा, ब्राह्मण सभा, चौहान सभा, बिश्नोई सभा, काशीपुर बार एसोसिएशन, छात्र संघ सहित सवर्ण समाज की अनेक सभाओं की सक्रिय भागीदारी रही।
प्रदर्शन में शामिल प्रमुख लोगों में संजय चतुर्वेदी, हरीश कुमार सिंह एडवोकेट, मनोज अग्रवाल, डॉ दीपिका गुड़िया आत्रेय, गीता चौहान, विमल गुड़िया, राजीव घई, संदीप चतुर्वेदी, अरूण चौहान, सुभाष चंद्र शर्मा, आर सी त्रिपाठी, सुरेश चन्द्र जोशी, बार एसोसिएशन के अध्यक्ष गिरजेश खुल्वे, उमेश जोशी एडवोकेट, मयंक शर्मा, गौरव गर्ग, जगदीश चंद्र बौड़ाई, सूर्य प्रताप सिंह, मोहन पपनै, मनोज पंत, त्रिलोक अधिकारी,शुभम उपाध्याय एडवोकेट,रवि ढींगरा, प्रकाश खनुलिया,महेश चंद्र शर्मा, पंकज टंडन, अशोक राजपूत, शरद पंत, शंभू लखेड़ा, चंद्र भूषण डोभाल,पंकज पंत,मनोज डोबरियाल, अनिल शर्मा समेत भारी संख्या में लोग उपस्थित रहे।
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