@शब्द दूत ब्यूरो (09 जुलाई 2025)
नई दिल्ली। प्रमुख रक्षा अध्यक्ष (CDS) जनरल अनिल चौहान ने भारत की सुरक्षा और स्थिरता के लिए एक गंभीर चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि चीन, पाकिस्तान और बांग्लादेश के बीच बढ़ती सामरिक निकटता भारत के लिए एक बड़ा खतरा बन सकती है। उन्होंने इस क्षेत्रीय ध्रुवीकरण को भारत की सुरक्षा नीति के लिए चुनौतीपूर्ण बताते हुए गहरी चिंता व्यक्त की।
ORF (ऑब्जर्वर रिसर्च फाउंडेशन) के एक कार्यक्रम में बोलते हुए जनरल चौहान ने कहा कि पाकिस्तान ने अब तक अपने 70-80% हथियार चीन से प्राप्त किए हैं, जो यह दर्शाता है कि दोनों देशों के हित भारत विरोधी हैं। इसके अलावा, बांग्लादेश के साथ चीन की बढ़ती सामरिक साझेदारी को भी उन्होंने एक नई रणनीतिक चुनौती के रूप में रेखांकित किया।
जनरल चौहान ने हिंद महासागर क्षेत्र में बाहरी शक्तियों के बढ़ते प्रभाव को भी भारत की रणनीतिक स्थिरता के लिए एक नई चुनौती बताया। उन्होंने कहा कि यह समय भारत के लिए सजग और सशक्त रणनीति अपनाने का है ताकि इन बढ़ती चुनौतियों का प्रभावी ढंग से सामना किया जा सके।
विश्लेषकों का मानना है कि क्षेत्रीय भू-राजनीतिक समीकरणों में हो रहे यह बदलाव भारत की रक्षा नीति को नए दृष्टिकोण से सोचने को विवश कर सकते हैं। आने वाले समय में भारत के लिए यह आवश्यक होगा कि वह अपनी सीमाओं से बाहर की गतिविधियों पर भी उतनी ही गंभीरता से निगरानी रखे, जितनी अंदरूनी सुरक्षा पर।
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