@शब्द दूत ब्यूरो (08 जुलाई 2025)
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आगामी कांवड़ मेला-2025 की तैयारियों को लेकर मंगलवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। उन्होंने कहा कि यह विशाल धार्मिक आयोजन श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा है, अतः कानून व्यवस्था और भीड़ नियंत्रण को लेकर इस बार किसी भी प्रकार की चूक बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
सीएम धामी ने बीते वर्षों की व्यवस्थाओं का विश्लेषण कर उसमें उत्पन्न चुनौतियों की समीक्षा की और अधिकारियों से सुधारात्मक कदम सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि तोड़फोड़, उपद्रव और अवांछनीय घटनाओं पर रोक के लिए प्रभावी सुरक्षा और ट्रैफिक प्रबंधन जरूरी है। शिविरों, होटलों, धर्मशालाओं में रहने वाले लोगों के साथ-साथ सभी वॉलंटियर्स और कार्यरत कर्मियों का पूर्ण सत्यापन कराया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि हर प्रमुख स्थल पर एक्सरे सिस्टम, फायर टेंडर, अग्निशमन यंत्र और प्रशिक्षित कर्मियों की तैनाती सुनिश्चित हो। साथ ही खाद्य और पेय पदार्थों की गुणवत्ता पर कड़ी निगरानी और जलजनित रोगों से बचाव के लिए आवश्यक व्यवस्था की जाए। उन्होंने कहा कि सीसीटीवी और ड्रोन से निरंतर निगरानी के साथ-साथ इंटेलिजेंस तंत्र को भी सक्रिय रखा जाए।
धामी ने बेहतर ट्रैफिक व्यवस्था के लिए अलग से योजना बनाकर उसका व्यापक प्रचार करने को कहा, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। आतंकी खतरे को ध्यान में रखते हुए एटीएस और विशेष सुरक्षा बलों की तैनाती भी सुनिश्चित करने को कहा गया।
उन्होंने हरिद्वार के घाटों, नीलकंठ मंदिर और अन्य भीड़भाड़ वाले स्थलों पर एम्बुलेंस व बैकअप टीम, महिला और पुरुष सुरक्षाकर्मियों की तैनाती, गोताखोरों और जल पुलिस को अलर्ट मोड में रखने की बात कही। साथ ही यात्रा मार्गों पर डीजे, लाउडस्पीकर और ध्वनि विस्तारक यंत्रों पर नियंत्रण और ब्लैक स्पॉट्स पर सुधार कार्यों के निर्देश भी दिए गए।
कांवड़ यात्रा के दौरान ‘क्या करें और क्या न करें’ की जानकारी पेम्फलेट, होर्डिंग, अनाउंसमेंट और सोशल मीडिया के जरिए देने की बात कही गई। मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि श्रद्धालुओं को लाठी, डंडा, नुकीली वस्तुएं आदि ले जाने से रोकने के लिए प्रचार अभियान चलाया जाए। यात्रा मार्गों में मांस, शराब और मादक पदार्थों की बिक्री पर सख्ती से प्रतिबंध लागू किया जाएगा।
महिला श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए महिला घाटों और धर्मशालाओं में विशेष पुलिस व्यवस्था सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए। साथ ही सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों पर त्वरित और कड़ी कार्रवाई करने, पोस्टों का तत्काल खंडन करने और अंतरराज्यीय समन्वय बढ़ाकर सूचनाओं के त्वरित आदान-प्रदान पर बल दिया गया।
मुख्यमंत्री ने सभी विभागीय सचिवों और पुलिस महानिरीक्षकों को निर्देश दिए कि वे तीन दिनों के भीतर कांवड़ मेला क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण कर तैयारियों की समीक्षा करें और अपने-अपने विभागों की कार्य योजनाओं को अंतिम रूप दें।
इस बैठक में गृह सचिव शैलेश बगोली, डीजीपी दीपम सेठ, आपदा प्रबंधन सचिव विनोद कुमार सुमन, गढ़वाल और कुमाऊं मंडल आयुक्त समेत अनेक अधिकारी शामिल रहे।
Shabddoot – शब्द दूत Online News Portal