@शब्द दूत ब्यूरो (03 जुलाई 2025)
नई दिल्ली। भारत में फ्यूल नीति को लेकर एक पूर्व पायलट ने सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने सरकार की नीति को विरोधाभासी और जनता के हितों के खिलाफ बताते हुए कहा है कि एक ओर देश में 40 साल पुराने विमान आज भी उड़ान भर रहे हैं, जबकि दूसरी ओर 10 साल पुरानी कारों को सड़कों से जबरन हटाया जा रहा है।
पूर्व पायलट संजीव कपूर ने इस नीति को असंगत, अव्यावहारिक और आम जनता के लिए असुविधाजनक करार देते हुए कहा कि यह नियम आम आदमी पर अतिरिक्त बोझ डालता है, जबकि बड़े एयरक्राफ्ट्स पर कोई सवाल नहीं उठता। उन्होंने इस दोहरे मानदंड पर आश्चर्य जताते हुए कहा कि एक ओर सरकार ईंधन की बचत और प्रदूषण नियंत्रण की बात करती है, वहीं दूसरी ओर पुराने विमानों को उड़ाने की इजाजत दी जाती है, जिनका फ्यूल कंजम्पशन और उत्सर्जन स्तर काफी अधिक होता है।
उन्होंने सरकार से अपील की है कि वह मौजूदा नीति पर पुनर्विचार करे और वाहन नीति को व्यवहारिक, तर्कसंगत एवं नागरिकों की सहूलियत को ध्यान में रखकर दोबारा तैयार करे।
पूर्व पायलट का यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और आम लोगों में भी इस मुद्दे पर बहस छिड़ गई है।
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