@शब्द दूत ब्यूरो (21 जून 2025)
नई दिल्ली। भारत निर्वाचन आयोग (Election Commission of India) ने एक अहम निर्णय लेते हुए मतदान केंद्रों पर की जाने वाली वीडियो रिकॉर्डिंग को अब सिर्फ 45 दिनों तक सुरक्षित रखने का निर्देश जारी किया है। आयोग के इस नए आदेश के अनुसार, मतदान प्रक्रिया की वीडियो रिकॉर्डिंग को निर्धारित अवधि यानी 45 दिन के भीतर नष्ट कर दिया जाएगा।
यह निर्णय निर्वाचन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने और अनावश्यक डेटा संग्रहण को सीमित करने के उद्देश्य से लिया गया है। आयोग का मानना है कि अगर 45 दिनों के भीतर किसी प्रकार की शिकायत या कानूनी कार्यवाही नहीं होती, तो वीडियो रिकॉर्डिंग को बनाए रखना आवश्यक नहीं है।
आदेश की प्रमुख बातें:
प्रत्येक मतदान केंद्र पर की गई वीडियो रिकॉर्डिंग को मतदान की तारीख से 45 दिन तक रखा जाएगा।
यदि इस अवधि के भीतर कोई चुनाव याचिका, जांच या शिकायत दर्ज नहीं होती, तो रिकॉर्डिंग को स्थायी रूप से नष्ट कर दिया जाएगा।
चुनाव में पारदर्शिता, गोपनीयता और डेटा सुरक्षा के संतुलन को ध्यान में रखकर यह कदम उठाया गया है।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी शुरू
आयोग के इस फैसले पर विभिन्न राजनीतिक दलों की प्रतिक्रियाएं आने लगी हैं। कुछ ने इसे “डेटा प्रबंधन के लिहाज से व्यावहारिक” बताया है, वहीं कुछ विपक्षी दलों ने आशंका जताई है कि इससे बाद में उठने वाले विवादों में साक्ष्य उपलब्ध नहीं रहेंगे।
चुनाव आयोग की सफाई
चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि 45 दिन की समयावधि पर्याप्त है क्योंकि अधिकांश चुनाव संबंधी याचिकाएं और आपत्तियाँ इसी अवधि के भीतर दर्ज की जाती हैं। आयोग यह भी सुनिश्चित करेगा कि इस अवधि के भीतर आने वाली किसी भी कानूनी या प्रशासनिक कार्रवाई के लिए रिकॉर्डिंग सुरक्षित रखी जाए।
इस नए फैसले से एक ओर जहां डेटा भंडारण में भारी कमी आएगी, वहीं दूसरी ओर डिजिटल निगरानी व्यवस्था को लेकर बहस भी तेज हो सकती है।
© SHABDDOOT.COM के लिए विशेष समाचार
रिपोर्ट: [आपका नाम]
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