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काशीपुर: देवभूमि पर्वतीय महासभा,चार माह बाद अब रामलीला मंचन के चंदे की धनराशि में गोलमाल का लगा आरोप, क्या है आखिर सच्चाई?

@शब्द दूत ब्यूरो (01 फरवरी 2024)

काशीपुर। शहर के पर्वतीय समाज में एक बार विवाद की स्थिति पैदा हो गई है। इस बार मामला रामलीला मंचन के दौरान पैसे के गोलमाल करने का आरोप लगाया गया है।

बता दें कि देवभूमि पर्वतीय महासभा द्वारा प्रत्येक वर्ष श्री राम लीला का मंचन किया जाता रहा है। पिछले डेढ़ दशक तक महासभा द्वारा संचालित रामलीला मंचन को लेकर कोई प्रश्न चिन्ह नहीं उठाये गये। लेकिन इस बार देवभूमि पर्वतीय महासभा की कार्यकारिणी को लेकर लंबे समय तक विवाद चला आ रहा है। हालांकि कुछ लोग विवाद सुलझने का दावा करते हैं लेकिन वास्तव में महासभा के सदस्यों और पदाधिकारियों का विवाद अभी भी अनसुलझा नजर आ रहा है।

इस वर्ष रामलीला मंचन के लिए एक अलग संयोजक मंडल का गठन किया गया था। जिसने पूर्व वर्षों की भांति बढ़िया ढंग से श्री रामलीला का मंचन किया। लोगों ने श्री रामलीला मंचन की भूरि भूरि प्रशंसा की। सभी कलाकारों का अभिनय भी सराहा गया। श्रीराम लीला मंचन का लाइव प्रसारण भी हजारों हजार की संख्या में लोगों ने देखा।

अब इधर श्री रामलीला मंचन के संपन्न होने के चार महीने बाद इसमें एकत्रित किये गये धन को लेकर गोलमाल के आरोप कुछ लोगों ने लगाकर फिर विवादों को हवा दे दी है। अब चंदे से इकट्ठा हुए धन में गोलमाल हुआ या नहीं ये जांच का विषय है। आरोप लगाने वाले ही इसकी सच्चाई जानते हैं। क्या ये आरोप किसी की बे वजह छवि खराब करने की कोई सोची समझी साजिश तो नहीं है? पूर्व पदाधिकारियों ने इन आरोपों पर सोशल मीडिया पर अपनी अलग-अलग राय जताई है तो दूसरी ओर समय से पहले पद से हटना अपने लिए लाभकारी बताया है।

कुल मिलाकर एकता की बात करने वाले पर्वतीय समाज का आपसी विवाद किसी न किसी की वजह से शहर में चर्चा का विषय बना हुआ है। पर्वतीय समाज के लोग श्री रामलीला मंचन के चंदे में इकट्ठा की गई धनराशि के गोलमाल के आरोपों से आहत हैं। पर्वतीय समाज के लोग इसकी सच्चाई जानना चाहते हैं। पर्वतीय समाज के वरिष्ठ लोगों को इस मामले की सच्चाई की तह तक जाना चाहिए।

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