@नई दिल्ली शब्द दूत ब्यूरो
बिहार के नालंदा में कर्मचारी एम्बुलेंस की जगह नगर निगम के ठेले में कोरोना संक्रमित व्यक्ति के शव को मुक्ति धाम लेकर पहुंचे। इस घटना का वीडियो वायरल होने के बाद जिला प्रशासन में खलबली मच गई। कोविड काल में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने चार मई को लॉकडाउन की घोषणा करते समय निर्देश दिया था कि कोरोना पॉजिटिव या संदिग्ध मरीज की मौत होने के बाद अगर परिजन शव का अंतिम संस्कार नहीं करते हैं तो ऐसे शवों का अंतिम संस्कार सरकार अपने खर्च पर कराएगी।
नालंदा का एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें निगम कर्मी शव को एम्बुलेंस की जगह निगम के कूड़े वाले ठेले से ले जाते दिख रहे हैं। हालांकि निगम कर्मी स्वयं पीपीई किट पहने हुए हैं मगर शव को चादर से ढंककर ले जा रहे हैं। इससे यह पता चलता है कि युवक की मौत किसी बीमारी से हुई है, लोग संदिग्ध मानकर उसका अंतिम संस्कार करने से कतरा रहे थे।
जब इस मामले की पड़ताल की गई तो पता चला कि वीडियो 13 मई का बताया जा रहा है। वीडियो जारी करने वाले युवक ने बताया कि 13 मई को सोहसराय थाना इलाके के जलालपुर मोहल्ले में किराए के मकान पर रह रहे एक युवक मनोज कुमार उर्फ गुड्डू की मौत कोरोना के कारण हो गई। मौत के बाद निगम कर्मियों द्वारा शव को इस तरह ले जाया गया था।

Shabddoot – शब्द दूत Online News Portal