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जगह खाली कर रहा हूं, अब नहीं बनाऊंगा चुनावी रणनीति: प्रशांत किशोर

@शब्द दूत ब्यूरो

पश्चि‍म बंगाल विधानसभा चुनाव में ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने एक बार फिर बड़ी जीत दर्ज की है। इस जीत के साथ ही ममता बनर्जी सत्ता पर काबिज होने की हैट्रिक लगाएंगी। टीएमसी की चुनावी रणनीति प्रशांत किशोर ने तैयार की थी। उन्होंने चुनावी नतीजों को लेकर ऐलान किया कि अब वह चुनावी रणनीति नहीं बनाएंगे, वह इस पेशे को छोड़ रहे हैं।

प्रशांत किशोर ने कहा, ‘मैं जो करता हूं, अब उसे जारी नहीं रखना चाहता। मैंने काफी कुछ किया है. मेरे लिए एक ब्रेक लेने और जीवन में कुछ और करने का समय है। मैं इस जगह को छोड़ना चाहता हूं।’ राजनीति में फिर से वापसी की बात पर उन्होंने कहा, ‘मैं एक विफल नेता हूं। मैं वापस जाऊंगा और देखूंगा कि मुझे क्या करना है।’

उन्होंने बंगाल चुनाव के नतीजों पर कहा, ‘भले ही चुनावी नतीजे अभी एकतरफा दिख रहे हों लेकिन यह बेहद कड़ा मुकाबला था। हम बहुत अच्छा करने को लेकर आश्वस्त थे। भाजपा बड़े पैमाने पर दुष्प्रचार करने की कोशिश कर रही थी कि वे बंगाल जीत रहे हैं।’

प्रशांत किशोर ने कहा, ‘मोदी जी की लोकप्रियता का यह मतलब नहीं है कि बीजेपी हर चुनाव जीत जाएगी। बीजेपी नेताओं ने 40 रैलियां कर लीं, इसका मतलब यह कतई नहीं था कि टीएमसी हार जाएगी।’

उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव के दौरान ममता बनर्जी की रैलियों में भी बहुत ज्यादा भीड़ आती थी, फिर भी वह 18 सीटें हार गई थीं, तो भीड़ का मतलब वोट नहीं होता। वह मानते हैं कि भाजपा बेहद शक्तिशाली है लेकिन उसका अर्थ यह नहीं था कि भाजपा जीत जाएगी।’

प्रशांत किशोर ने कहा कि टीएमसी भले ही जीत गई है लेकिन हर पार्टी को चुनाव आयोग के रवैये पर आपत्ति करनी चाहिए। वह पक्षपात करता रहा। ममता बनर्जी की सबसे बड़ी ताकत उनका जनता के साथ जुड़ाव है। जिस तरह वह जनता से जुड़ जाती हैं, बहुत कम नेताओं को उस तरह करते देखा है।

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