Breaking News

वकील ने जजों से की थी कोरोना से जूझ रहे रिश्तेदार के लिए मदद की गुहार,अब हाल पूछा तो बोले- बहुत देर हो गई

@शब्द दूत ब्यूरो

दिल्ली में कोरोना का संकट किस कदर गंभीर है कि ऊंचे ओहदों पर काम करने वाले लोग भी अपनों की जान नहीं बचा पा रहे हैं। ऐसी ही दर्दभरा दास्तां दिल्ली हाईकोर्ट में सामने आई। दिल्ली हाईकोर्ट में वकील अमित शर्मा लगातार वर्चुअल सुनवाई में पेश होते रहे। वो जजों से अपने जीजा की जिंदगी बचाने के लिए गुहार लगाते रहे। जस्टिस विपिन सांघी और जस्टिस रेखा पल्ली भी उनके लिए भरसक कोशिश करते रहे, लेकिन उनकी जिंदगी नहीं बचाई जा सकी।

पीठ ने वकील से पूछा था कि क्या अभी भी मदद की जरूरत है। इस पर, भीतर से टूट चुके वकील ने कहा, “मदद की अब कोई जरूरत नहीं है। उनका अभी-अभी निधन हो गया है। मैं असफल हो गया हूं। यह सुनकर बेंच के जज बेहद निराश नजर आए। हाईकोर्ट ने कहा, “हम केवल यह कहना चाहते हैं कि राज्य मौलिक अधिकारों की रक्षा के अपने मौलिक दायित्वों को पूरा करने में विफल रहा है।” 

इस मौके पर, न्यायमूर्ति विपिन सांघी ने मौखिक रूप से कहा कि राज्य विफल हुआ है और हम सभी विफल रहे हैं।” मौत पर शोक व्यक्त करते हुए पीठ ने आदेश में इसे दर्ज किया। कोर्ट ने कहा, “हमें सुनवाई के दौरान सूचित किया गया है कि वकील के रिश्तेदार का निधन हो गया है, हम केवल यह कहना चाहते हैं कि राज्य मौलिक अधिकारों की रक्षा के अपने मौलिक दायित्वों को पूरा करने में विफल रहा है।”

दरअसल वकील के जीजा को आईसीयू बेड की सख्त जरूरत थी। उन्होंने हाईकोर्ट में  रिट याचिका दाखिल की थी। उन्होंने रोते हुए बेंच को बताया था कि उनके जीजा को ऑक्सीजन युक्त आईसीयू की जरूरत है। उनकी भांजी थोड़ी-थोड़ी देर में फोन करती है कि मामा पापा को बचा लो लेकिन वो कुछ नहीं कर पा रहे हैं।

Website Design By Mytesta +91 8809666000

Check Also

रामगढ़ महाविद्यालय में अभिविन्यास कार्यक्रम, तिरंगा रैली में गूंजे भारत माता के जयकारे

🔊 Listen to this @शब्द दूत ब्यूरो (12 अगस्त 2026) भवाली/रामगढ़। राजकीय महाविद्यालय रामगढ़ में …

googlesyndication.com/ I).push({ google_ad_client: "pub-