अभिषेक शर्मा (69) की तूफानी बल्लेबाजी के बाद अर्शदीप सिंह और नमन धीर की गेंदबाजी के चलते भारतीय टीम ने रविवार को इंदौर में खेले गए तीसरे टी20 मुकाबले में वेस्टइंडीज को 14 रन से हराकर 5 मैचों की सीरीज में 2-1 की बढ़त बनाई।
पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम ने 20 ओवर में सभी 10 विकेट खोकर 223 रन बनाए थे। रांची में खेले गए दूरी टी20 में 250 रन चेज करने वाली वेस्टइंडीज के लिए 224 रन का लक्ष्य आसान लग रहा था। हालांकि, भारतीय गेंदबाजों ने कसी हुई गेंदबाजी की और मेहमान टीम को मुकाबला नहीं जीतने दिया। विंडीज टीम 20 ओवर में 7 विकेट खोकर 209 रन ही बना सकी।
लखनऊ और रांची में खेले गए टी20 में टारगेट चेज करने वाली टीम जीती थी। ऐसे में इंदौर में वेस्टइंडीज के कप्तान ने टॉस जीतकर भारत को पहले बल्लेबाजी का न्यौता दे दिया। शुरुआती इतनी धीमी थी कि करीब ढाई साल में ऐसा पहली बार हुआ जब भारतीय टीम ने शुरुआती दो ओवरों में कोई बाउंड्री नहीं लगाई।
पिछली बार जनवरी 2024 में बेंगलुरू में अफगानिस्तान के खिलाफ टी20 मैच में ऐसा हुआ था। तब से अब तक टीम के 77 मैच हो चुके हैं। दूसरे ही ओवर में बड़ा झटका लगा जब शेमार जोसेफ की 150.8 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से फेंकी गेंद को फ्लिक करने के प्रयास में संजू सैमसन (3) ने मिडविकेट पर निकोलस पूरन को आसान कैच थमा दिया।
इसके बाद भारतीय बल्लेबाजों खासकर अभिषेक शर्मा ने आक्रामक रुख अपनाया। होलकर स्टेडियम के छोटे मैदान पर वे इतने आत्मविश्वास में शॉट खेल रहे थे मानो नेट्स पर अभ्यास कर रहे हों। जहां मन चाहा गेंद को बाउंड्री के पार भेज दिया। उन्होंने 18 गेंदों में अर्धशतक पूरा करते हुए अपने इरादे जता दिए। मगर अभी मैच में नाटकीय मोड़ आना शेष था।
एक विकेट पर 115 रन बनाकर भारतीय टीम विशाल स्कोर की ओर बढ़ती दिख रही थी, लेकिन अगली 10 गेंदों में तीन विकेट गंवाते हुए मैच का रुख बदल गया। नौवें ओवर में रोस्टन चेज फिर गेंदबाजी पर लौटे और ईशान किशन ने छक्का लगाकर स्वागत किया। अगली ही गेंद पर उन्होंने किशन को फिर ललचाया।
किशन ने जाल में फंसकर आगे बढ़कर मारने का प्रयास किया और स्टंपिंग हो गए। यह चौथी बार था जब रोस्टन चेज ने किशन को टी-20 मैच में आउट किया है। किशन ने 18 गेंदों पर 37 रन बनाए। इसके साथ ही 108 रनों की साझेदारी समाप्त हुई। इसी ओवर की पांचवीं गेंद पर भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर भी एक रन बनाकर एलबीडब्ल्यू आउट हो गए।
हैरानी इसलिए भी ज्यादा थी कि श्रेयस को स्पिन का अच्छा खिलाड़ी माना जाता है, लेकिन वे सीधी गेंद पर चकमा खा गए। बड़ा झटका अगले ही ओवर में लगा जब शेमार स्प्रिंगर की बाउंसर पर अभिषेक की टाइमिंग ठीक नहीं रही। गेंद बल्ले का ऊपरी किनारा लेते हुए हवा में कई और गेंदबाज ने ही कैच लपकते हुए शानदार पारी का अंत किया। 30 गेंदों पर 69 रनों की पारी में अभिषेक ने दर्शकों को अच्छा मनोरंजन किया।
अचानक मैदान में सन्नाटा छा गया, दर्शकों के चेहरे मायूस हो चले और उम्मीदें तिलक वर्मा पर टिक गई। तिलक वर्मा ने जिम्मेदारी से खेलते हुए रनगति को कम नहीं होने दिया। निचलेक्रम के बल्लेबाजों ने बड़ी पारी खेलने के बजाए तेज पारी खेलने को प्राथमिकता दी। स्कोर छोटे रहे, लेकिन टीम का स्कोरबोर्ड गतिमान रहा। कैरेबियाई तेज गेंदबाज ज्यादा प्रभावी दिखे। उन्होंने कुल 12 ओवर गेंदबाजी करते हुए 142 रन देकर पांच विकेट लिए वहीं स्पिनरों ने आठ ओवर गेंदबाजी करते हुए 75 रन देकर तीन विकेट लिए।
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