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काशीपुर :स्थानीय प्रशासन जनता के प्रति जबाबदेह होता तो दो मासूमों की मौत न होती, सड़कों पर अवैध पार्किंग से भी हो सकता है कोई बड़ा हादसा

@विनोद भगत

काशीपुर। शहर में लगातार सामने आ रही दुर्घटनाओं ने स्थानीय प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हाल ही में शहर के एक खाली प्लॉट में पानी से भरे गड्ढे में डूबने से दो मासूम बच्चों की मौत ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया। यह हादसा केवल एक दुखद घटना नहीं, बल्कि प्रशासनिक उदासीनता का प्रतीक भी माना जा रहा है।

बरसात के मौसम में शहर के अनेक खाली प्लॉट पानी से भर जाते हैं और बच्चों सहित आसपास रहने वाले लोगों के लिए जानलेवा साबित हो सकते हैं। इसके बावजूद समय रहते ऐसे स्थानों की पहचान कर सुरक्षा इंतजाम करने, पानी की निकासी कराने या संबंधित भू-स्वामियों के विरुद्ध कार्रवाई करने के लिए कोई प्रभावी अभियान दिखाई नहीं दिया। यदि प्रशासन पहले से सक्रिय होकर ऐसे खतरनाक स्थानों को चिन्हित करता और आवश्यक कदम उठाता, तो संभव है कि यह दर्दनाक हादसा टाला जा सकता था।

लोगों का कहना है कि प्रशासनिक अधिकारियों की प्राथमिकता आम जनता की समस्याओं के समाधान से अधिक सरकारी आदेशों के पालन और औपचारिक व्यवस्थाओं तक सीमित होती जा रही है। किसी भी बड़ी घटना के बाद अधिकारी मौके पर पहुंचते हैं, जांच के निर्देश दिए जाते हैं और कार्रवाई का आश्वासन मिलता है, लेकिन स्थायी समाधान की दिशा में अपेक्षित प्रयास नहीं दिखाई देते।

शहर में अवैध पार्किंग भी लंबे समय से एक गंभीर समस्या बनी हुई है। मुख्य मार्गों के दोनों ओर खड़ी कारों के कारण सड़कों की वास्तविक चौड़ाई कम हो जाती है, जिससे यातायात प्रभावित होता है और दुर्घटनाओं की आशंका लगातार बनी रहती है। कई स्थानों पर छोटी-मोटी दुर्घटनाएं और वाहन चालकों के बीच विवाद आम बात हो गई है।

माता मंदिर रोड, रतन सिनेमा रोड, जीजीआईसी के सामने का मार्ग, कटोराताल रोड, आई हॉस्पिटल रोड तथा कटोराताल पुलिस चौकी के समीप की सड़क ऐसे प्रमुख स्थान हैं, जहां अवैध पार्किंग की समस्या लंबे समय से बनी हुई है। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि इन स्थानों पर प्रशासन और पुलिस की नियमित निगरानी तथा प्रभावी कार्रवाई का अभाव साफ दिखाई देता है।

शहरवासियों का मानना है कि यदि खाली प्लॉटों में जलभराव, अवैध पार्किंग और अन्य सार्वजनिक सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर समयबद्ध अभियान चलाया जाए तो कई संभावित हादसों को रोका जा सकता है। लोगों का कहना है कि प्रशासन को केवल दुर्घटना होने के बाद सक्रिय होने के बजाय पहले से रोकथाम की रणनीति अपनानी चाहिए।

दो मासूमों की मौत ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या प्रशासन भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस और प्रभावी कदम उठाएगा, या फिर किसी अगले बड़े हादसे का इंतजार किया जाएगा। शहर के नागरिक अब केवल आश्वासनों से आगे बढ़कर जवाबदेही और ठोस कार्रवाई की अपेक्षा कर रहे हैं।

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