@शब्द दूत ब्यूरो (15 जुलाई 2026)
काशीपुर। शहर के गंगे बाबा रोड क्षेत्र से बुधवार को एक बेहद दर्दनाक घटना सामने आई, जिसने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया। गंगे बाबा रोड स्थित नर्सरी के पीछे पानी से भरे एक प्लॉट में डूबने से दो मासूम बच्चों की मौत हो गई। दोनों बच्चों की उम्र लगभग 5 से 6 वर्ष बताई जा रही है। हादसे के बाद पूरे इलाके में शोक और गम का माहौल है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, गंगे बाबा रोड पर बड़े गुरुद्वारे के पास स्थित एक खाली प्लॉट में बरसात का पानी भरा हुआ था। इसी दौरान देव और मयंक नाम के दो मासूम बच्चे वहां खेलते-खेलते पानी में उतर गए और गहरे पानी में डूब गए। जब काफी देर तक बच्चे दिखाई नहीं दिए तो आसपास मौजूद लोगों ने उनकी तलाश शुरू की। लोगों ने दोनों बच्चों को पानी से बाहर निकालकर तत्काल अस्पताल पहुंचाया, लेकिन चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।
घटना की सूचना मिलते ही तहसीलदार पंकज चंदोला मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। वहीं पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने भी घटनास्थल पर पहुंचकर आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी। हादसे के बाद दोनों परिवारों में कोहराम मच गया है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है।
इस हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने प्रशासन, नगर निगम और संबंधित प्लॉट स्वामियों की लापरवाही पर गंभीर सवाल उठाए हैं। क्षेत्रवासियों का कहना है कि बरसात के दौरान कई खाली प्लॉट पानी से भर जाते हैं, लेकिन उनकी सुरक्षा के लिए न तो बैरिकेडिंग की जाती है और न ही चेतावनी बोर्ड लगाए जाते हैं। ऐसे स्थान छोटे बच्चों के लिए जानलेवा साबित हो सकते हैं।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि समय रहते ऐसे जलभराव वाले प्लॉटों की घेराबंदी की जाती या उनमें भरे पानी की निकासी कराई जाती, तो शायद यह दर्दनाक हादसा टाला जा सकता था।
बरसात के मौसम में जलभराव वाले गड्ढे, खाली प्लॉट और तालाब बच्चों के लिए बड़ा खतरा बन जाते हैं। अभिभावकों को भी छोटे बच्चों पर विशेष निगरानी रखने की आवश्यकता है, ताकि वे ऐसे खतरनाक स्थानों के आसपास न जाएं। साथ ही प्रशासन को भी ऐसे सभी जलभराव वाले स्थलों की पहचान कर तत्काल सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने चाहिए।
हादसे के बाद क्षेत्र के लोगों ने मांग की है कि जिन प्लॉटों में लंबे समय से जलभराव है और जहां सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं हैं, उनके स्वामियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए। साथ ही नगर निगम और प्रशासन को ऐसे सभी स्थानों पर तत्काल सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करनी चाहिए, ताकि भविष्य में किसी अन्य परिवार को ऐसी असहनीय त्रासदी का सामना न करना पड़े।
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