Breaking News

उत्तराखंड: पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत का आरोप, कहा- परिसंपत्तियों के मामले में यूपी के आगे किया सरेंडर

हरीश रावत ने कहा कि त्रिवेंद्र रावत सरकार में यूपी के साथ परिसंपत्तियों के बंटवारे को लेकर 75:25 के अनुपात का फार्मूला अपनाया गया था, जबकि अब कहा जा रहा है कि परिसंपत्तियों का सर्वेक्षण किया जाएगा।

@शब्द दूत ब्यूरो (21 नवंबर, 2021)

पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने उत्तराखंड का उत्तर प्रदेश के साथ हुए परिसंपत्तियों के समझौते के दिन को काला दिन बताते हुए कहा कि कांग्रेस इस समझौते को पूरी तरह से खारिज करती है। वहीं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड के हितों के लिए उनका लखनऊ दौरा ऐतिहासिक रहा। परिसंपत्तियों के बंटवारे के एक-एक बिंदु पर सहमति बन गई है।

हरीश रावत ने आरोप लगाते हुए कहा है मुख्यमंत्री धामी ने यूपी के मुख्यमंत्री के आगे समर्पण कर दिया। कांग्रेस इस मसले को लेकर राजभवन और सुप्रीम कोर्ट जाएगी। उन्होंने कहा कि परिसंपत्तियों के मसले पर भाजपा सरकार में दो बार समझौते हुए, लेकिन इसमें केवल शब्दों में उलटफेर और उत्तराखंड के साथ अंधेर हुआ।

पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने परिसंपत्तियों पर हुए समझौते पर प्रदेश सरकार को घेरते हुए कहा कि इस तरह का समझौता पहले भी हुआ। पूर्व में त्रिवेंद्र और योगी के बीच में समझौता हुआ था। दोनों समझौतों में एक बात कही गई है कि यूपी बड़ा भाई और उत्तराखंड छोटा भाई है। एक ही तरह का दावा किया गया कि इतने साल बाद परिसंपत्तियों का विवाद सुलझा। 18 नवंबर 2021 को परिसंपत्तियों पर हुए समझौते में उत्तराखंड ने अपने भावी अधिकारों यूपी को दे दिया है। आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री उत्तराखंड की पैरोकारी करने में लाचार साबित हुए हैं।

रावत ने आगे कहा कि एक समझौता 2018 में हुआ था इसमें कहा गया कि सिंचाई विभाग की परिसंपत्तियां हैं। इसमें जलाशय, भूमि आदि शामिल हैं, उसमें 75:25 के अनुपात में फार्मूला तैयार किया गया। जबकि आज उस समझौते को पूरी तरह से पलट दिया गया है। आज हुए समझौते में कहा गया है कि इसका सर्वेक्षण होगा। इसके बाद निर्णय होगा। एक ही पार्टी की सरकार में हुए समझौतों में केवल शब्दों में उलटफेर किया गया है।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने सरकार पर आरोप लगाया कि परिसंपत्तियों का यह समझौता मुख्यमंत्री ने अपनी कुर्सी की कीमत पर किया है। यूपी को बेहतर स्थिति देने के लिए उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पर दबाव बनाया गया कि वह लखनऊ जाएं और समझौता करें। नेता प्रतिपक्ष प्रीतम सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार ने परिसंपत्तियों के समझौते के नाम पर उत्तराखंड के जल, जंगल, जमीन को उत्तर प्रदेश के हाथों में गिरवी रख दिया है।

Check Also

काम की बात :उत्तराखंड में आज से शुरू हो रहा विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR), आपके घर पहुंचेंगे बीएलओ,मतदाता खुद भी ऐप डाउनलोड कर आनलाइन ऐसे भरें, लिंक देखें

🔊 Listen to this @शब्द दूत ब्यूरो (08 जून 2026) देहरादून। उत्तराखंड में मतदाता सूची …

googlesyndication.com/ I).push({ google_ad_client: "pub-