@शब्द दूत ब्यूरो (15 अप्रैल 2024)
दिल्ली की शराब नीति घोटाला से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के निजी सहायक विभव कुमार को CAT केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण से फिलहाल राहत नहीं मिली है. CAT ने विभव कुमार द्वारा बर्खास्तगी को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई के बाद रोक लगाने से इनकार किया.
विजिलेंस विभाग की टीम ने अरविंद केजरीवाल के निजी सहायक विभव कुमार के खिलाफ कड़ा एक्शन लेते हुए 10 अप्रैल को उनकी सेवाओं से बर्खास्त कर दिया है. निदेशालय ने विभव कुमार की नियुक्ति को सही नहीं माना है. विजिलेंस विभाग ने विभव कुमार के खिलाफ 2007 के एक मामले में यह कार्रवाई किया था, जिसमें उनपर सरकारी काम में बाधा डालने और शिकायतकर्ता को गाली देने या धमकी देने का आरोप लगाया गया था.
सही तरीके से नहीं किया गया पालन
निदेशालय ने जारी बयान में कहा गया कि विभव की नियुक्ति के लिए नियमों का सही तरीके से पालन नहीं किया गया है, जिसके चलते उनकी नियुक्ति अमान्य है. शराब घोटाला से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ED की चार्जशीट में भी विभव का नाम है. इस मामले में ED ने 8 अप्रैल को विभव से घंटो तक पूछताछ की थी. जानकारी के मुताबिक जांच एजेंसी ने विभव कुमार से करीब 4 घंटों तक पूछताछ की थी. इसके अलावा दिल्ली जल बोर्ड घोटाले में भी ईडी फरवरी के पहले हफ्ते विभव के घर पर रेड कर चुकी है.
21 मार्च को किया था गिरफ्तार दिल्ली शराब घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में राज्य के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को ईडी ने 21 मार्च को गिरफ्तार किया था. अरविंद केजरीवाल अभी तिहाड़ जेल में बंद है. इसी मामले में मनीष सिसोदिया और संजय सिंह भी गिरफ्तार हो चुके हैं. सिसोदिया अभी भी दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद हैं. वहीं पिछले दिनों संजय सिंह को सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिल गई थी.
Shabddoot – शब्द दूत Online News Portal