@नई दिल्ली शब्द दूत ब्यूरो (02, अगस्त, 2022)
उत्तराखंड के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल मसूरी और देहरादून घाटी के बीच सड़क को चौड़ा किए जाने के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने उत्तराखंड हाईकोर्ट की सुस्ती पर नाराज़गी जाहिर की है। मसूरी और देहरादून के बीच यातायात की सुविधा बेहतर हो सके, इसके लिए सड़क का चौड़ीकरण किया जाना है, लेकिन यहां घाटी के घने हरे भरे हिस्से में विभिन्न प्रजातियों के 2057 पेड़ों की कटाई को लेकर पेंच फंसा हुआ है। इन पेड़ों की कटाई के खिलाफ एक याचिका हाईकोर्ट में दायर की जा चुकी है, जिस पर सुनवाई में तेज़ी लाने के निर्देश अब सुप्रीम कोर्ट ने दिए हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने कहा, ‘यह ठीक होगा यदि हाईकोर्ट में जनहित याचिका की सुनवाई करने वाली बेंच मामले को जल्द उठाए ताकि याचिकाकर्ता की दलीलों पर ठीक ढंग से विचार किया जा सके।’ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ और जस्टिस सुधांशु धूलिया की पीठ ने फटकार लगाते हुए यह भी कहा कि उत्तराखंड हाईकोर्ट में जनहित याचिकाओं पर सुनवाई करने वाली बेंच इस मामले पर जल्दी सुनवाई करे।
सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा, ‘हम याचिकाकर्ता और राज्य को दो अगस्त को हाईकोर्ट के सामने कार्यवाही में उल्लेख करने की अनुमति देते हैं ताकि जनहित याचिकाओं पर विचार करने वाली हाईकोर्ट की पीठ एक सप्ताह के भीतर इसे सुनवाई के लिए सूचीबद्ध कर सके।’
याचिकाकर्ता आशीष कुमार गर्ग का प्रतिनिधित्व करने वाले वरिष्ठ वकील संजय पारिख को सुप्रीम कोर्ट ने यह स्वतंत्रता दी कि वह हाइकोर्ट में लंबित कार्यवाही में सभी उपयुक्त मुद्दों को उठा सकते हैं। मुद्दों में प्रत्यारोपण की व्यवहार्यता और पेड़ों की कटाई की आवश्यकता शामिल है।
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