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उत्तराखंड: तिवारी के नाम से हरीश रावत को चुनौती देगी भाजपा

@शब्द दूत ब्यूरो (12 नवंबर, 2021)

उत्तराखंड का एक इतिहास तो भाजपा नहीं बदल सकी कि उसका कोई मुख्यमंत्री अपना कार्यकाल पूरा कर पाया हो। मगर वह उत्तराखंड में सरकार में दोबारा न आने की परंपरा को बदलने के लिए जी तोड़ कोशिश जरूर कर रही है। इस कड़ी में उसने दो मुख्यमंत्री तो बदले, लेकिन उनकी जल्दी रुखसती के मायने आज भी तलाशे जा रहे हैं।कांग्रेस के विकास पुरुष कहे जाने वाले नारायण दत्त तिवारी जरूर पांच साल मुख्यमंत्री के पद पर काबिज रहे। लेकिन अब कांग्रेस से उसके राज्य के सबसे बड़े नेता को भी ले उड़ने की तैयारी में है भाजपा।

कांग्रेस पहले भी आरोप लगाती रही है कि बीजेपी ने उसके महापुरुष ले लिए। इस कड़ी में पहले सरदार पटेल फिर सुभाष चंद्र बोस और डा. भीमराव अंबेडकर का नाम आता है। बीजेपी ने इन विभूतियों को इस तरह अपनाया और यह साबित कर दिया कि कांग्रेस ने इनकी उपेक्षा की और जो सम्मान आजाद भारत में इन महापुरुषों को मिलना चाहिए, उन्हें नहीं मिला। अब बीजेपी उस काम को पूरा कर रही है।

राज की बात ये है कि कांग्रेस को फिर अब उत्तराखंड में ये आरोप लगाते जल्दी ही आप सुन सकते हैं कि भाजपा ने उनके प्रतीक पुरुष चुरा लिए हैं। क्योंकि उत्तराखंड के शिखर पुरुष और राज्य के पहले चुने हुए मुख्यमंत्री नारायण दत्त तिवारी भी बीजेपी के चुनावी अभियान का प्रमुख हिस्सा बनने जा रहे हैं। तिवारी अकेले ऐसे उत्तराखंड के मुख्यमंत्री हैं, जिन्होंने अपना कार्यकाल पूरा किया। इतना ही नहीं अविभाजित यूपी के भी वे मुख्यमंत्री रहे और विकास पुरुष के रूप में उन्हें आज भी जाना जाता है।

इधकर, भाजपा ने ऊधम सिंह नगर जिले में सिडकुल यानी स्टेट इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कोआपरेशन ऑफ उत्तराखंड का नाम बदल दिया है। पंतनगर इलाके में मौजूद इस औद्योगिक इलाके का नाम एनडी तिवारी स्टेट इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कोआपरेशन ऑफ उत्तराखंड का नाम दे दिया गया है। बताया जा रहा है कि ये आईडिया और इसके पीछे सोच केंद्र यानी दिल्ली से आई है।

नारायण दत्त तिवारी को ही उत्तराखंड में हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर में औद्योगिक अवस्थापना कराने का श्रेय जाता है। वैसे यूपी में भी नोयडा जो कि आज देश के सबसे बड़े राज्य की आदमदनी का सबसे बड़ा जरिया है, उसकी स्थापना भी नारायण दत्त तिवारी ने ही की थी।

खास बात ये है कि तिवारी की पहाड़ में छवि और विकास पर फोकस के दृष्टिगत भाजपा उनके नाम को आगे बढ़ाएगी। यहां बताना जरुरी है कि तिवारी के कांग्रेस में सबसे धुर विरोधी हरीश रावत ही थे। रावत ने हमेशा तिवारी के खिलाफ मोर्चा खोलकर रखा। अभी हरीश रावत ही कांग्रेस की कमान प्रदेश में संभाल रहे हैं और उनके सामने तिवारी की अक्श को खड़ा कर बीजेपी चुनावों में एक और रंग भर रही है। यानी कांग्रेस के सामने भी कांग्रेसी।

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