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काशीपुर में तहबाजारी के ठेके तत्काल प्रभाव से निरस्त , अब नगर निगम खुद वसूलेगा शुल्क: महापौर दीपक बाली की बड़ी घोषणा, देखिए वीडियो में क्या बोले महापौर

@शब्द दूत ब्यूरो (22 अक्टूबर 2026)

काशीपुर। नगर निगम काशीपुर की तहबाजारी व्यवस्था में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। महापौर दीपक बाली ने आज प्रेस कॉन्फ्रेंस में तहबाजारी के ठेके निरस्त करने और भविष्य में नगर निगम के कर्मचारियों के माध्यम से ही शुल्क वसूली कराने की घोषणा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि तहबाजारी शुल्क में कोई नई बढ़ोतरी नहीं की गई है। पूर्व से निर्धारित शुल्क ही लागू रहेंगे। शुल्क के स्लैब को लेकर मिल रही शिकायतों को ध्यान में रखते हुए अधिकारियों और पार्षदों के साथ विचार-विमर्श कर व्यवस्था को बेहतर बनाने का निर्णय लिया गया है।

महापौर ने कहा कि तहबाजारी की वसूली के लिए अब किसी नई निविदा की आवश्यकता नहीं होगी। नगर निगम अपने कर्मचारियों के माध्यम से यह काम करेगा। उन्होंने बताया कि शुल्क की दरें और निर्धारित स्लैब जनता के सामने स्पष्ट किए जाएंगे, ताकि लोगों को यह पता चल सके कि किस निर्धारित सीमा के अनुसार कितना शुल्क लिया जाना है। इस व्यवस्था का उद्देश्य वसूली में पारदर्शिता लाना और शिकायतों का समाधान करना है।

महापौर दीपक बाली ने कहा कि नगर निगम के किसी भी कर्मचारी के दुर्व्यवहार की शिकायत सामने आने पर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकारी सेवा में जनता के प्रति अच्छा व्यवहार करना कर्मचारियों की जिम्मेदारी है। नगर निगम इस मामले में किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं करेगा।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि नगर निगम के किसी अन्य ठेके या निर्माण कार्य में अनियमितता अथवा शिकायत सामने आती है, तो संबंधित मामले में भी कार्रवाई की जाएगी। विज्ञापन ठेके के संबंध में पूछे गए सवाल पर महापौर ने कहा कि विज्ञापन की शर्तों का उल्लंघन पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल उनके संज्ञान में ऐसा कोई उल्लंघन नहीं आया है, लेकिन शिकायत मिलने पर मामले की जांच की जाएगी।

शहर की सफाई व्यवस्था को लेकर पूछे गए सवाल पर महापौर ने कहा कि किसी भी व्यवस्था को पूरी तरह समझे बिना और उसमें सुधार का पर्याप्त अवसर दिए बिना जल्दबाजी में कार्रवाई करना उचित नहीं है। उन्होंने बताया कि सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। नगर निगम में सफाई निरीक्षकों की कमी को पूरा करने के लिए सरकार की ओर से चार एसआई उपलब्ध कराए गए हैं।

उन्होंने कहा कि स्वच्छता उनकी प्राथमिकताओं में शामिल है और इस मामले में कोई समझौता नहीं किया जाएगा। यदि सफाई व्यवस्था से संबंधित शर्तों का उल्लंघन होता है या जनता को परेशानी होती है, तो संबंधित व्यक्ति अथवा संस्था के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

काशीपुर के विभिन्न क्षेत्रों में लगने वाले साप्ताहिक बाजारों के कारण सड़कों पर जाम और यातायात संबंधी समस्याओं का मुद्दा भी प्रेस कॉन्फ्रेंस में उठा। पत्रकारों ने रामलीला मैदान के सामने, अलेगंज रोड की ओर जाने वाले मार्ग तथा शुगर फैक्ट्री रोड पर लगने वाले बाजारों में अव्यवस्थाओं की ओर महापौर का ध्यान आकर्षित किया।

पत्रकारों द्वारा पूछे गये सवाल  कि कुछ स्थानों पर दुकानों के सड़क तक फैल जाने से आवागमन प्रभावित होता है। शुगर फैक्ट्री रोड पर रात में डंपरों की आवाजाही और प्रकाश व्यवस्था की कमी का मुद्दा भी उठाया गया।

इस पर महापौर दीपक बाली ने कहा कि नगर निगम के अधिकारी इन मामलों पर नजर रख रहे हैं। उन्होंने माना कि कुछ स्थानों पर निजी भूखंडों में बाजार लगने के बावजूद दुकानें सड़क तक आ जाती हैं। ऐसी शिकायतों को संज्ञान में लेकर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि कोई भी व्यक्ति या संस्था नियमों का उल्लंघन करती है, तो उसके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। प्रकाश व्यवस्था और अन्य सुविधाओं की कमी को भी दूर करने का प्रयास किया जाएगा।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में महापौर दीपक बाली ने नगर निगम की सफाई व्यवस्था को तकनीक से जोड़ने की योजना की भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि नगर निगम परिसर में बनाए जा रहे कंट्रोल रूम का निर्माण काफी हद तक पूरा हो चुका है। अब इसके अगले चरण में आरएफआईडी प्रणाली लागू की जाएगी।

महापौर के अनुसार, आरएफआईडी टैग घरों, संस्थानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर लगाए जाएंगे। इन टैगों की मदद से कंट्रोल रूम में यह निगरानी की जा सकेगी कि कूड़ा उठाने वाली गाड़ी निर्धारित स्थान पर पहुंची या नहीं और वह निर्धारित समय पर पहुंची या नहीं।

उन्होंने बताया कि इस व्यवस्था से कूड़ा संग्रहण की निगरानी अधिक प्रभावी होगी। यदि किसी घर या प्रतिष्ठान तक निर्धारित समय पर कूड़ा उठाने वाली गाड़ी नहीं पहुंचती है, तो इसकी जानकारी कंट्रोल रूम के माध्यम से मिल सकेगी। इससे सफाई व्यवस्था में जवाबदेही बढ़ेगी और शिकायतों का पारदर्शी तरीके से निस्तारण करने में मदद मिलेगी।

महापौर ने कहा कि इस तकनीक से वाहनों के निर्धारित मार्गों की निगरानी की जा सकेगी। इससे समय और ईंधन की बचत होने की भी उम्मीद है। इसके अतिरिक्त पार्कों, खाली भूखंडों और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर कचरा फेंकने की घटनाओं पर निगरानी रखने में भी कंट्रोल रूम सहायक होगा।

उन्होंने काशीपुर की जनता से अपील की कि आरएफआईडी टैग लगाने के लिए सर्वे करने और टैग लगाने पहुंचने वाली नामित संस्था तथा नगर निगम की टीम को सहयोग दें। उन्होंने कहा कि इस प्रणाली की सफलता के लिए अधिक से अधिक घरों और प्रतिष्ठानों पर टैग लगना आवश्यक है।

महापौर ने बताया कि शहर की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए योजना के अगले चरण में विभिन्न स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे भी लगाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि पहले चरण में लगभग 150 कैमरे लगाने के लिए स्थान चिह्नित किए गए हैं। यह व्यवस्था नगर निगम के कंट्रोल रूम, आरएफआईडी टैग और निगरानी तकनीक से जुड़ी योजना का हिस्सा है।

महापौर ने विशेष रूप से शहर में आने-जाने वाली बच्चियों और महिलाओं की सुरक्षा का उल्लेख करते हुए कहा कि इस तकनीकी व्यवस्था से शहर की निगरानी को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी। उन्होंने जनता से आरएफआईडी टैग लगाने की प्रक्रिया में सहयोग करने की अपील की और उम्मीद जताई कि इस पहल से स्वच्छता और सुरक्षा दोनों व्यवस्थाओं को मजबूती मिलेगी।

महापौर दीपक बाली की प्रेस कॉन्फ्रेंस में तहबाजारी की वसूली व्यवस्था में बदलाव, ठेकों से संबंधित शिकायतों पर कार्रवाई, सफाई व्यवस्था में सुधार, बाजारों की अनियमितताओं पर नियंत्रण और तकनीक आधारित निगरानी व्यवस्था प्रमुख मुद्दे रहे। अब इन घोषणाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर नगर निगम की आगे की कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी।

प्रेस कांफ्रेंस में मुख्य नगर आयुक्त रविंद्र बिष्ट, कार्यालय अधीक्षक विकास शर्मा भी मौजूद रहे।

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