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2024 का चुनाव कैसे बन रहा नेताओं के बेटे-बेटियों के लिए सियासी लांचिंग पैड

@शब्द दूत ब्यूरो (02 अप्रैल 2024)

बिहार की सियासत के बेताज बादशाह कहे जाने वाले आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद यादव ने तेजस्वी-तेज प्रताप-मीसा भारती के बाद अब रोहिणी आचार्य को सियासी पिच पर उतारा है. लालू यादव ने अपनी बेटी रोहिणी को सारण सीट से प्रत्याशी बनाया है. बिहार की राजनीति में रोहिणी एकलौती नेता नहीं है, जिन्हें विरासत में सियासत मिली है बल्कि लंबी कतार है. प्रदेश के कई दिग्गज नेताओं के बेटे-बेटियों-बहनोई के लिए 2024 का लोकसभा चुनाव सियासी लांचिंग पैड बन रहा है.

लोकसभा चुनाव के लिए बिहार की सभी पार्टियां अपने-अपने उम्मीदवारों के नाम का ऐलान कर रही हैं. बीजेपी अगुवाई वाले एनडीए में शामिल जेडीयू और एलजेपी ने अपने कोटे की सभी सीटों के लिए उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है. आरजेडी ने भी भले ही औपचारिक रूप से उम्मीदवारों के नाम घोषित न किए हो, लेकिन जिन्हें चुनाव लड़ना है उनको टिकट दे दिया गया है.

सियासी पिच पर रोहिणी- शांभवी

बिहार की सियासत में लालू परिवार के एक नए सदस्य की एंट्री हो गई. लालू यादव की दूसरी बेटी रोहिणी आचार्य ने सियासत में कदम रखा है. आरजेडी ने उन्हें सारण सीट से टिकट दिया है. रोहिणी अक्सर सोशल मीडिया के जरिए अपने पिता और भाई के बचाव में खड़ी नजर आती रही हैं. सारण सीट से बीजेपी के राजीव प्रताप रूडी चुनावी मैदान में हैं, जिनके खिलाफ रोहिणी को टिकट दिया गया है.

नीतीश सरकार में मंत्री अशोक चौधरी की बेटी शांभवी चौधरी भी 2024 के लोकसभा चुनाव में अपनी सियासी पारी का आगाज करने जा रही है. उन्हें समस्तीपुर लोकसभा सीट से चिराग पासवान ने प्रत्याशी बनाया है. इससे पहले इस सीट का प्रतिनिधित्व चिराग के चचेरे भाई प्रिंस राज ने किया था, जो चाचा पशुपति कुमार पारस के साथ बगावत का बिगुल फूंक दिया था. चिराग ने प्रिंस राज का टिकट काटकर शांभवी चौधरी को प्रत्याशी बनाया है.

पूर्व आईपीएस किशोर कुणाल के बेटे शायन कुणाल से शांभवी चौधरी की शादी हुई है. लोकसभा चुनाव में सबसे कम उम्र की कैंडिडेट हैं. शांभवी के पिता अशोक चौधरी कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष रहे हैं और बाद में जेडीयू में शामिल हो गए. नीतीश कुमार के करीबी नेताओं में उन्हें गिना जाता है. शांभवी के दादा महावीर चौधरी कांग्रेस के दिग्गज नेता रहे हैं और बिहार में मंत्री रह चुके हैं. दिल्ली यूनिवर्सिटी के लेडी श्रीराम कॉलेज और दिल्ली स्कूल ऑफ इकोनोमिक्स से शांभवी ने पढ़ाई की है और अब सियासत में कदम रखा है. समस्तीपुर सीट से किस्मत आजमाएंगी.

चुनावी मैदान में चिराग के बहनोई

चिराग पासवान इस बार जमुई सीट के बजाय हाजीपुर लोकसभा सीट से चुनावी मैदान में उतर रहे हैं. ऐसे में जमुई सीट पर चिराग ने अपने बहनोई अरुण भारती को प्रत्याशी बनाया है. अरुण भारती पहली बार चुनाव मैदान में उतरेंगे और उन्हें सीधा लोकसभा चुनाव का टिकट मिला है. हालांकि, अरुण भारती काफी समय से चिराग पासवान के साथ राजनीतिक सलाहकार के रूप में पहले से काम कर रहे हैं, लेकिन पहली बार सियासी रणभूमि में उतरेंगे. इस तरह 2024 का लोकसभा चुनाव चिराग पासवान के बहनोई की सियासी लांचिंग पैड की तरह है.

लोकसभा के रण में विवेक- सुधाकर

बिहार बीजेपी के दिग्गज नेता सीपी ठाकुर के बेटे विवेक ठाकुर को बीडेपी ने नवादा लोकसभा सीट से प्रत्याशी बनाया है. विवेक ठाकुर मौजूदा समय में बीजेपी के राज्यसभा सदस्य हैं, लेकिन पार्टी ने उन्हें पहली बार लोकसभा चुनाव में टिकट दिया है. इस तरह बिहार में अब विवेक ठाकुर खुलकर मैदान में होंगे. वहीं, आरजेडी के दिग्गज नेता और बिहार प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह के बेटे सुधाकर सिंह को लोकसभा चुनाव में बक्सर सीट से पार्टी ने प्रत्याशी बनाया है. सुधाकर सिंह मौजूदा समय में आरजेडी के विधायक है और नीतीश की अगुवाई वाली सरकार में मंत्री रह चुके हैं. आरजेडी ने पहली बार सुधाकर सिंह को लोकसभा का टिकट दिया है.

सियासी पिच पर अभिजीत-आकाश-शाश्वत

कांग्रेस के कई दिग्गज नेता अपने बेटों को लोकसभा चुनाव मैदान से सियासी पारी का आगाज करा रहे हैं. कांग्रेस की वरिष्ठ नेता और पूर्व लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार अपने बेटे अंशुल अभिजीत को लोकसभा चुनाव मैदान में उतारने की तैयारी में है. वो पटना साहिब सीट से वो टिकट चाहती हैं. इसी तरह महाराजगंज लोकसभा सीट से कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश प्रसाद सिंह अपने बेटे विकास सिंह के लिए टिकट चाहते हैं. इसके अलावा बेतिया सीट भी उनकी नजर में है.

महराजगंज लोकसभा से विजय शंकर दुबे लोकसभा चुनाव लड़ने के लिए तैयार हैं, जिसके चलते अखिलेश प्रसाद सिंह ने बेतिया सीट को विकल्प के रूप में रखा है. हालांकि, बेतिया लोकसभा सीट से पूर्व मुख्यमंत्री केदार पांडे के पौत्र शाश्वत पांडे भी चुनाव लड़ने के लिए पूरी कोशिश में लगे हैं, लेकिन अखिलेश प्रसाद सिंह के बेटे आकाश प्रसाद सिंह भी पूरी तैयारी में है. ऐसे में लालू यादव के पाले में गेंद है और उनके द्वारा तय होगी कि कौन बेतिया सीट से चुनावी मैदान में उतरेगा.

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