@शब्द दूत ब्यूरो (13 जुलाई 2026)
देहरादून। बदरीनाथ धाम में श्रद्धालुओं के चढ़ावे में कथित गड़बड़ी और चोरी के मामले में विशेष जांच दल (SIT) को बड़ी सफलता मिली है। एसआईटी ने मामले के मुख्य आरोपी एवं निलंबित बदरी-केदार मंदिर समिति (BKTC) कर्मचारी प्रमोद नौटियाल को देहरादून से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को गोपेश्वर न्यायालय में पेश किया जाएगा, जहां पुलिस आगे की पूछताछ के लिए रिमांड की मांग कर सकती है।
जांच एजेंसियों के अनुसार, आरोपी की तलाश में एसआईटी की कई टीमें लगातार जुटी हुई थीं। रविवार देर रात देहरादून में उसकी लोकेशन मिलने के बाद पुलिस टीम ने उससे करीब एक घंटे तक पूछताछ की और रात लगभग 9:45 से 10:15 बजे के बीच उसे गिरफ्तार कर लिया।
मामला उस समय सामने आया था जब 2 जुलाई को बदरीनाथ मंदिर में चढ़ावे की गिनती के दौरान अनियमितताओं की शिकायत मिली। जांच में यह आशंका जताई गई कि दान पेटियों से निकाली गई नकदी और अन्य कीमती वस्तुओं को निर्धारित प्रक्रिया का पालन किए बिना हटाया गया। इसके बाद बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति की शिकायत पर बदरीनाथ थाने में मुकदमा दर्ज किया गया और एसआईटी का गठन कर जांच शुरू की गई।
जांच के दौरान सामने आए सीसीटीवी फुटेज में प्रमोद नौटियाल कथित रूप से संदिग्ध गतिविधियां करते दिखाई दिया। पुलिस के अनुसार, फुटेज में वह ₹500 और ₹100 के नोटों की गड्डियां, सोने-चांदी के सिक्के, शालिग्राम शिला तथा चढ़ावे के लिफाफे छिपाते या ले जाते हुए नजर आया। पुलिस का यह भी दावा है कि वह गिनती कक्ष और अपने कार्यालय के बीच कई बार आता-जाता दिखाई दिया, जिससे चोरी के बाद सामान अपने कार्यालय में रखने की आशंका जताई गई है।
एसआईटी अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस पूरे मामले में कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल था या नहीं। इसके लिए मंदिर समिति के अधिकारियों और कर्मचारियों के बयान भी दर्ज किए गए हैं तथा विभागीय जांच के साथ-साथ उच्चस्तरीय जांच भी जारी है।
उधर, आरोपी प्रमोद नौटियाल ने अपने निलंबन और दर्ज एफआईआर को उत्तराखंड हाईकोर्ट में चुनौती दी है। मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने मंदिर समिति से जवाब मांगा है और अगली सुनवाई 16 जुलाई को निर्धारित की गई है।
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