@शब्द दूत ब्यूरो (18 अप्रैल 2026)
काशीपुर । नगर निगम काशीपुर द्वारा हाल ही में जारी विज्ञप्ति में फर्जी नियुक्ति के नाम पर हो रही अवैध वसूली को लेकर शहरवासियों को सतर्क किया गया है। हालांकि इस गंभीर मामले पर नगर आयुक्त से संपर्क नहीं हो सका, क्योंकि वे वर्तमान में शहर से बाहर हैं, लेकिन इस पूरे प्रकरण ने कई अहम सवाल खड़े कर दिए हैं।
नगर निगम ने साफ किया है कि निगम स्तर पर किसी भी प्रकार की सीधी नियुक्ति का प्रावधान नहीं है और सभी भर्तियां शासन स्तर से निर्धारित प्रक्रिया के तहत ही होती हैं। इसके बावजूद शहर में संगठित गिरोह सक्रिय होकर युवाओं को नौकरी दिलाने का झांसा देकर पैसे ऐंठ रहे हैं।
अब सवाल यह उठता है कि आखिर ऐसे व्यक्ति को इतनी हिम्मत कैसे मिली? क्या अब तक किसी आरोपी की पहचान हो पाई है? और सबसे महत्वपूर्ण—क्या इस मामले में कोई ठोस कार्रवाई शुरू की गई है या नहीं?
यह भी स्पष्ट नहीं हो पाया है कि अब तक कितने लोग इस ठगी का शिकार हो चुके हैं। यदि बड़ी संख्या में युवा प्रभावित हुए हैं, तो यह मामला और भी गंभीर हो जाता है। साथ ही, क्या इस पूरे मामले में किसी अंदरूनी व्यक्ति की भूमिका हो सकती है—यह भी जांच का विषय बनता जा रहा है।
नगर निगम की ओर से जारी अपील में लोगों से सीधे निगम से जानकारी लेने और किसी भी प्रकार की अवैध वसूली से बचने को कहा गया है। लेकिन सवाल यह भी है कि क्या निगम स्तर पर ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कोई ठोस निगरानी तंत्र मौजूद है या भविष्य में बनाया जाएगा?
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के मामलों में केवल चेतावनी जारी करना पर्याप्त नहीं होता, बल्कि सक्रिय कार्रवाई, जागरूकता अभियान और पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया की जानकारी आम जनता तक पहुंचाना भी उतना ही जरूरी है।
फिलहाल, नगर आयुक्त की प्रतिक्रिया का इंतजार है। उनके शहर लौटने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि नगर निगम इस गंभीर मामले में आगे क्या कदम उठाने जा रहा है।
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