महिला चिकित्सक डॉ. अर्चना शर्मा आत्महत्या प्रकरण में कार्यवाहीं की मांग, आईएमए शाखा ब्यावर ने एसडीएम को दिया ज्ञापन
@शिवकुमार शर्मा
ब्यावर(30 मार्च 2022)। प्रदेश के दौसा जिले के लालसोट कस्बें में एक निजी अस्पताल की महिला चिकित्सक पर हत्या का केस दर्ज होने के बाद मानसिक रूप से परेशान चिकित्सक द्वारा फांसी लगाकर आत्महत्या करने के विरोध में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन शाखा ब्यावर की और से क्लीनिक बंद रखकर विरोध जताया गया।
इस दौरान शाखा पदाधिकारियों ने प्रकरण को लेकर राज्य के सीएम के नाम उपखंड अधिकारी को एक ज्ञापन देकर महिला चिकित्सक द्वारा फांसी लगाने को किसी भी प्रकार की आत्महत्या नहीं बल्कि राजनैतिक और सामाजिक रूप से सोची-समझी सुनियोजित हत्या करार दिया है। ज्ञापन में प्रकरण के दोषियों के खिलाफ कडी से कडी कार्यवाहीं करने की मांग की गई है। उपखंड अधिकारी को दिए गए ज्ञापन में एसोसिएशन पदाधिकारियों ने बताया कि डॉक्टर्स व चिकित्सा जगत का धर्म व कर्तव्य है कि अपने विवेक, कौशल एवं शिक्षा की कुशलता के आधार पर चिकित्सा सेवाऐ देना व मरीज का ईलाज करना, और डॉक्टर्स अपने इस धर्म को पूर्ण कर्तव्य के साथ पूरा करने की भरसक कोशिश भी करता है। उसके बावजूद भी किसी भी मरीज की जिन्दगी व मौत ऊपर वाले के हाथ में है।
ज्ञापन में कहा गया कि दौसा जिले के लालसोट मे डॉ. अर्चना शर्मा पर जो धारा 302 लगाई गई थी वो गलत थी। सुप्रीम कोर्ट का भी यह आदेश है कि किसी भी डॉक्टर को इस तरह से न तो गिरफ्तार किया जा सकता है और न प्रताडि़त किया जा सकता है। यह पुलिस और प्रशासन की भयंकर भूल हुई जिनकी वजह से एक होनहार गोल्ड मेडलिस्ट डॉक्टर को आत्महत्या करने के लिये मजबूर होना पड़ा।
इण्डियन मेडिकल ऐसोशियसन ब्यावर की मांग है कि डॉ शर्मा की हत्या पर प्रशासन द्वारा संज्ञान लिया जाए और दोषियों पर उचित कार्यवाही की जाए, क्योंकि यह किसी भी प्रकार की आत्महत्या नही बल्कि राजनैतिक और सामाजिक रूप से सोची गई सुनियोजित हत्या की गई है। ज्ञापन देने वालों में डॉ. सीपी सिंहल, डॉ. आरएस छाबडा, डॉ. एचके आनंदानी, डॉ. जलेश सिंहल सहित अन्य चिकित्सक शामिल थे।
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