सूरत। स्वास्थ्य सुविधाओं के प्रति जागरूक सरकारी दावों का कड़वा सच यहाँ देखने को मिला। हैरत की बात यह है कि पूरे देश में गुजरात मॉडल का ढिंढोरा पीटा जाता है लेकिन हकीकत ठीक इसके उलट है।
सूरत महानगर पालिका ने कोरोना के खिलाफ जंग के लिए इस तरह करीब 50 वेंटीलेटर दो ट्रकों में वलसाड से करीब 50 किमी दूर सूरत पहुंचाए गए। बड़ी बात यह है कि वेंटिलेटर लाने के लिए सूरत से भेजी गई कचरा गाड़ियों का वलसाड प्रशासन ने भी विरोध नहीं किया। कचरा गाड़ी में ढोए जा रहे वेंटिलेटर्स का वीडियो वायरल होने पर इस लापरवाही का खुलासा हुआ। जिसके बाद वलसाड कलेक्टर आरआर रावल ने जांच के आदेश दिए।सूरत के अस्पतालों में वेंटिलेटर की मांग काफी ज्यादा है। इसकी वजह यह है कि अब गुजरात में कोरोना के सबसे ज्यादा मरीज यहीं पाए जा रहे हैं। राज्य में बीते सोमवार को कोरोना वायरस के पहली बार 3,000 से अधिक मामले सामने आए। जिनमें ज्यादातर सूरत से थे।


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