@शब्द दूत ब्यूरो (16 मार्च 2026)
काशीपुर। राजनेताओं की अच्छी कार्यशैली हो तो लोग उससे प्रभावित होते हैं। काशीपुर के महापौर दीपक बाली के कार्यकाल और उनकी कार्यशैली का प्रभाव आम जनता के साथ-साथ युवाओं पर भी देखने को मिल रहा है। इसका प्रमाण जी.डी. गोयनका स्कूल की छात्रा आन्या मेहरोत्रा हैं, जिन्होंने काशीपुर की एक दिन की महापौर बनकर नगर प्रशासन की कार्यप्रणाली को करीब से समझने और अनुभव करने की इच्छा जताई। जिस पर आज महापौर दीपक बाली और स्वयं आन्या मेहरोत्रा ने मीडिया से बातचीत कर इस पहल की जानकारी दी।
महापौर दीपक बाली ने बताया कि कुछ दिन पहले जी.डी. गोयनका स्कूल की प्रिंसिपल और स्कूल प्रबंधन के साथ आन्या मेहरोत्रा उनसे मिलने आई थीं। उन्होंने इच्छा जताई थी कि वह एक दिन उनके साथ रहकर यह देखना चाहती हैं कि एक महापौर दिनभर में किस प्रकार के कार्य करता है और शहर के विकास से जुड़े फैसले कैसे लिए जाते हैं।
महापौर ने कहा कि युवाओं में नेतृत्व और जनसेवा की भावना विकसित करना बेहद जरूरी है। यदि विद्यार्थी कम उम्र में ही प्रशासन और समाजसेवा की कार्यप्रणाली को समझते हैं तो भविष्य में वे समाज और देश के लिए बेहतर योगदान दे सकते हैं।
वहीं आन्या मेहरोत्रा ने कहा कि वह इस अवसर को लेकर काफी उत्साहित हैं। उन्होंने बताया कि वह एक दिन महापौर के साथ रहकर यह जानना चाहती हैं कि शहर के विकास के लिए किस तरह काम किया जाता है और एक जनप्रतिनिधि को किन चुनौतियों का सामना करना पड़ता है।
स्कूल प्रबंधन की ओर से बताया गया कि आन्या मेहरोत्रा ने स्कूल में आयोजित एक प्रदर्शनी में प्रथम स्थान प्राप्त किया था। उनकी रुचि और उत्साह को देखते हुए स्कूल प्रबंधन ने उन्हें कुछ अलग अनुभव देने का निर्णय लिया। इसी क्रम में महापौर दीपक बाली से अनुमति लेकर यह पहल की गई।
स्कूल प्रबंधन का मानना है कि बच्चों को केवल डॉक्टर या इंजीनियर बनने की प्रेरणा ही नहीं दी जानी चाहिए, बल्कि उन्हें समाज और देश के लिए काम करने की भावना से भी जोड़ना चाहिए। यही कारण है कि स्कूल समय-समय पर सामाजिक जागरूकता से जुड़े कार्यक्रम भी आयोजित करता रहता है।
शहर में इस पहल को एक सकारात्मक और प्रेरणादायक कदम के रूप में देखा जा रहा है, जिससे अन्य विद्यार्थियों को भी समाज और जनसेवा से जुड़ने की प्रेरणा मिलेगी।
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