@शब्द दूत ब्यूरो (04 सितंबर 2025)
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा रेत मिश्रित नमक से संबंधित शिकायत को गंभीरता से लेते हुए तत्काल जांच के निर्देश दिए जाने के बाद खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश में “मुख्यमंत्री नमक पोषण योजना“ के तहत वितरित हो रहा आयोडाईज्ड नमक पूरी तरह से गुणवत्ता मानकों पर खरा उतर रहा है।
आयुक्त खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति चन्द्रेश कुमार ने जानकारी दी कि यह योजना जून 2024 से लागू है जिसके अंतर्गत राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के राशनकार्ड धारकों को प्रतिमाह 01 किलोग्राम आयोडाईज्ड नमक ₹08 प्रति किलोग्राम की दर से उपलब्ध कराया जा रहा है। इस कार्य की जिम्मेदारी भारत सरकार द्वारा नामित संस्था भारतीय राष्ट्रीय उपभोक्ता सहकारी संघ मर्यादित (एनसीसीएफ) को दी गई है।
उन्होंने बताया कि आयोडाईज्ड नमक की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए विभाग ने एनसीसीएफ से परीक्षण रिपोर्ट उपलब्ध कराने का अनुरोध किया था। एनसीसीएफ ने रक्षा खाद्य एवं अनुसंधान प्रयोगशाला, मैसूर की रिपोर्ट साझा की जिसमें नमक की गुणवत्ता को सही पाया गया। साथ ही एनएबीएल मान्यता प्राप्त एवं एफएसएसएआई अनुमोदित आईटीसी लैब्स की रिपोर्ट ने भी पुष्टि की कि वितरित हो रहा नमक सभी मानकों के अनुरूप है। इसके अतिरिक्त राज्य खाद्य एवं औषधि परीक्षण प्रयोगशाला रुद्रपुर में जांच के बाद 19 अगस्त 2025 को प्राप्त रिपोर्ट में भी नमक को अच्छी गुणवत्ता का पाया गया।
आयुक्त ने कहा कि सभी परीक्षण परिणाम यह दर्शाते हैं कि वर्तमान में वितरित किया जा रहा रिफाइंड आयोडीन युक्त नमक एफएसएसएआई मानकों का पूर्ण अनुपालन करता है। पारदर्शिता और गुणवत्ता को और मजबूत करने के लिए विभाग जल्द ही (इस मानसून के बाद) निर्माता के कारखाने का दौरा करेगा। साथ ही नियमित अंतराल पर नमक के नमूनों की प्रयोगशाला जांच भी कराई जाएगी ताकि उपभोक्ताओं को उत्तम गुणवत्ता का नमक ही उपलब्ध हो सके। उन्होंने आश्वस्त किया कि खाद्य विभाग द्वारा वर्तमान में पूरी तरह से मानक एवं गुणवत्ता युक्त आयोडाईज्ड नमक का ही वितरण किया जा रहा है।
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