@शब्द दूत ब्यूरो (03 सितंबर 2025)
काशीपुर। कुमाऊंनी संस्कृति और परंपराओं का अनुपम उदाहरण माने जाने वाले सातूं-आठूं पर्व का आयोजन आज वैशाली कॉलोनी के निवासियों द्वारा बड़े हर्षोल्लास के साथ किया गया। इस अवसर पर महिलाओं और पुरुषों ने पारंपरिक वेशभूषा धारण कर कुमाऊंनी संस्कृति के गीत गाए और सामूहिक झोड़ा नृत्य प्रस्तुत किया।
वैशाली कॉलोनी से शोभायात्रा के रूप में निकले श्रद्धालु गौरा-महेश की प्रतिमा को लेकर काशीपुर के प्रसिद्ध तीर्थ द्रोणासागर पहुंचे। यहां गौरा-महेश का विधिवत पूजन कर कदली वृक्ष पर विसर्जन किया गया। इस दौरान लोकगीत और झोड़ा नृत्य ने पूरे वातावरण को कुमाऊंनी संस्कृति के रंग में रंग दिया।
कार्यक्रम में एल.डी. मिश्रा, हरी सिंह तिलारा, भुवन मठपाल, जीवन सिंह डांगी, बी.एस. बिष्ट, मदन जोशी, मोहिनी देवी, हंस जोशी, प्रियंका नेगी, हेमा बिष्ट, रीतू गोस्वामी, भगवती देवी, कंचन बिष्ट, सरोज शर्मा, पूनम बंगारी, चंदा मिश्रा, पुष्पा बिष्ट, रेखा देवरानी, मुन्नी जोशी सहित बड़ी संख्या में स्थानीय लोग शामिल रहे।
स्थानीय निवासियों ने इसे अपनी संस्कृति और परंपराओं को सहेजने का अवसर बताते हुए कहा कि सातूं-आठूं जैसे पर्व कुमाऊंनी लोकजीवन की आत्मा हैं, जिन्हें आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना बेहद जरूरी है।
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