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प्रतीकात्मक चित्र

उत्तराखंड विधानसभा में पारित ‘लोकतन्त्र सेनानी सम्मान विधेयक-2025’, आपातकाल के योद्धाओं ने जताया आभार

@शब्द दूत ब्यूरो(26 अगस्त 2025)

देहरादून। गैरसैंण विधानसभा सत्र के दौरान विपक्ष के भारी हंगामे और व्यवधान के बीच उत्तराखंड विधानसभा ने ‘लोकतन्त्र सेनानी सम्मान विधेयक-2025’ को ध्वनिमत से पारित कर दिया।

आपातकाल के दौरान जेलों में यातनाएं सहने वाले लोकतंत्र सेनानियों ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और उनकी सरकार का आभार जताते हुए कहा कि 50 वर्षों बाद सरकार ने उनके त्याग और बलिदान को मान्यता दी है।

लोकतंत्र सेनानी प्रेम बड़ाकोटी ने इसे एक ऐतिहासिक और न्यायपूर्ण कदम बताते हुए कहा कि आपातकाल के समय स्वयंसेवकों और जनसंघ कार्यकर्ताओं ने बिना किसी मांग के निरंकुशता के खिलाफ संघर्ष किया और इसे भावी पीढ़ी के लिए प्रेरक संदेश के रूप में संजोकर रखा। उन्होंने इस प्रक्रिया में योगदान देने वाले अधिकारियों, भाजपा संगठन और कार्यकर्ताओं का भी आभार व्यक्त किया तथा दिवंगत सेनानियों को श्रद्धांजलि दी।

लोकतंत्र सेनानी संघ के अन्य सदस्यों विजय स्नेही, पुनीत लाल ढींगरा, कृष्ण कुमार अग्रवाल आदि ने भी धामी सरकार के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की। वहीं पूर्व मुख्यमंत्री और पूर्व राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने भी इस निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि इससे आपातकाल में जेल गए सेनानियों को वास्तविक सम्मान मिला है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि हमारी सरकार ने उन योद्धाओं का सम्मान किया है जिन्होंने लोकतंत्र को बचाया।

कांग्रेस की इंदिरा सरकार ने अपनी सत्ता बचाने के लिए आरएसएस और जनसंघ के नेताओं को जेल में यातनाएं दीं, जो देश के लोकतंत्र का काला अध्याय था। ऐसे योद्धाओं को सम्मानित कर हम स्वयं को गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं।

 

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