@शब्द दूत ब्यूरो (25 अगस्त 2025)
देहरादून। उत्तराखंड सरकार ने सरकारी भूमि पर अतिक्रमण के खिलाफ अपने अभियान को और तेज करने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्पष्ट संदेश दिया है कि सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा करने वालों को अब किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। जानकारी के अनुसार, प्रशासन अब अतिक्रमणकारियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 111 के तहत मुकदमे दर्ज करेगा। इस धारा में जमीन कब्जाने को अपराध माना गया है, जिससे प्रशासन सीधे एफआईआर दर्ज कर सकेगा।
राज्य में पिछले दो वर्षों में लगभग 9 हजार एकड़ भूमि अतिक्रमणकारियों से मुक्त करवाई गई है, लेकिन अभी भी हजारों हेक्टेयर भूमि पर अवैध कब्जे बने हुए हैं। खासकर वन विभाग, लोक निर्माण विभाग, सिंचाई, राजस्व, नदी श्रेणी और ग्राम समाज की भूमि पर बड़े पैमाने पर अतिक्रमण की शिकायतें हैं। सरकार का कहना है कि राजस्व ग्राम घोषित करने की प्रस्तावित प्रक्रिया में शामिल ग्रामों को छोड़कर शेष भूमि को अतिक्रमणमुक्त कराया जाएगा।
अब तक प्रशासन द्वारा केवल नोटिस जारी किए जा रहे थे, लेकिन आगे से नोटिस में भारतीय न्याय संहिता की धारा जोड़कर कड़ी कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी जाएगी। इसके अलावा, भूमि कब्जाकर खुर्दबुर्द करने वाले गिरोहों पर गैंगस्टर एक्ट लगाने की भी तैयारी है। धामी सरकार ने हाल ही में एक ऐप भी जारी किया है, जिसके माध्यम से अतिक्रमण के मामलों की तुरंत जानकारी अधिकारियों तक पहुंचाई जा सकेगी।
मुख्यमंत्री धामी ने दोहराया कि भूमि संसाधनों की कमी के चलते राज्य सरकार अपनी जमीन हर हाल में वापस लेगी। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की भूमि जनता की है और उस पर अवैध कब्जा कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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