@शब्द दूत ब्यूरो (17 अगस्त 2025)
काशीपुर। नगर में तेजी से बढ़ते ई-रिक्शा के चलन ने जहां आम लोगों को किफायती और सहज यातायात का साधन उपलब्ध कराया है, वहीं अब इनका गलत उपयोग दुर्घटनाओं का कारण बनता जा रहा है। ई-रिक्शा का निर्माण केवल हल्के यात्री परिवहन के लिए किया गया है, लेकिन देखा जा रहा है कि चालक इन्हें भार वाहन की तरह प्रयोग कर रहे हैं। इन पर सब्जी, अनाज, लोहे, लकड़ी, सीमेंट और अन्य भारी सामान लादकर चलाने की प्रवृत्ति बढ़ती जा रही है, जिससे न केवल ट्रैफिक व्यवस्था प्रभावित हो रही है बल्कि सड़कों पर खतरा भी बढ़ रहा है।
जानकारों का कहना है कि ई-रिक्शा की क्षमता से अधिक भार ढोने पर उसका संतुलन बिगड़ जाता है और ब्रेक फेल होने जैसी स्थिति उत्पन्न हो सकती है। कई बार ऐसे वाहन बीच सड़क पर ही खराब होकर जाम का कारण बन जाते हैं। इससे अन्य वाहन चालकों और पैदल राहगीरों को भी असुविधा झेलनी पड़ती है। यातायात पुलिस की ओर से समय-समय पर कार्रवाई की जाती है, लेकिन सख्ती न होने के कारण चालक फिर वही गलती दोहराने लगते हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि नगर निगम और पुलिस प्रशासन को ई-रिक्शाओं के लिए सख्त नियम लागू करने चाहिए और भार वाहन की तरह उनका दुरुपयोग रोकना चाहिए। यदि समय रहते इस समस्या पर रोक नहीं लगी तो किसी बड़े हादसे से इनकार नहीं किया जा सकता।
नोट-समाचार के साथ वीडियो उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले का है। लेकिन यह कहीं भी घट सकता है।
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