@शब्द दूत ब्यूरो (06 जुलाई 2025)
मंडी, हिमाचल प्रदेश। हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में हाल ही में बादल फटने की घटना ने तबाही मचा दी। भारी बारिश और अचानक आई बाढ़ से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया, कई घर तबाह हुए और लोग बेघर हो गए। प्रशासन राहत कार्यों में जुटा हुआ है, मगर स्थानीय लोगों में यह सवाल लगातार उठ रहा था कि मंडी की सांसद कंगना रनौत अब तक घटनास्थल पर क्यों नहीं पहुंचीं।
कई दिन की चुप्पी के बाद आज आखिरकार सांसद कंगना रनौत आपदा प्रभावित इलाकों के दौरे पर मंडी पहुंचीं। उन्होंने मौके का जायजा लिया और पीड़ितों से मुलाकात की। इस दौरान जब पत्रकारों ने उनसे प्रतिक्रिया मांगी तो वे बेहद भावुक हो गईं। उन्होंने रुँधे गले और नम आंखों से कहा, “मेरे पास कोई कैबिनेट नहीं है… मैं अकेली हूं… जितना कर सकती हूं, कर रही हूं।”
कंगना की यह बात सुनकर वहां मौजूद लोग और पत्रकार कुछ पल के लिए चुप हो गए। लेकिन बात यहीं नहीं रुकी—आपदा प्रभावितों के दर्द और स्थिति का वर्णन करते-करते उन्होंने इशारों-इशारों में खुद को कैबिनेट मंत्री नहीं बनाए जाने की अपनी पीड़ा भी हँसते हुए व्यक्त कर दी। उनका कहना था कि संसाधनों की कमी के बावजूद वे अपने स्तर पर प्रयास कर रही हैं, लेकिन उनके पास न मंत्रालय है, न कोई सरकारी ताकत जिससे सीधे फैसले ले सकें।
सोशल मीडिया पर कंगना की यह भावुक अपील तेजी से वायरल हो रही है। कुछ लोग इसे एक संवेदनशील जनप्रतिनिधि की प्रतिक्रिया बता रहे हैं, तो कुछ इसे राजनीतिक संकेत के रूप में देख रहे हैं। आलोचकों का कहना है कि आपदा के कई दिन बाद जाकर दौरा करने से लोगों की तकलीफें कम नहीं होतीं, जबकि समर्थक उनकी सादगी और संवेदना की सराहना कर रहे हैं।
गौरतलब है कि कंगना रनौत वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में मंडी से भाजपा के टिकट पर विजयी हुई थीं। हालांकि उन्हें मोदी कैबिनेट में कोई मंत्रालय नहीं दिया गया, जिसे लेकर अब उनके इस बयान को राजनीतिक हलकों में कई तरह के मायने दिए जा रहे हैं।
अब देखना यह है कि उनके दौरे के बाद राहत कार्यों में तेजी आती है या यह केवल एक भावनात्मक क्षण बनकर रह जाता है। फिलहाल मंडी के लोग ठोस मदद की उम्मीद लगाए बैठे हैं।
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