काशीपुर । देशभर की तरह आपातकाल की 50वीं वर्षगांठ के अवसर पर काशीपुर में भी भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर नैनीताल-उधम सिंह नगर लोकसभा सीट के सांसद एवं पूर्व केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री अजय भट्ट मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का आयोजन काशीपुर के बाजपुर रोड स्थित एक होटल में किया गया। यहां प्रेस वार्ता को संबोधित करने के बाद सांसद अजय भट्ट ने आपातकाल से जुड़ी प्रदर्शनी का अवलोकन किया। तत्पश्चात उन्होंने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया और आपातकाल के दौरान जेल गए लोकतंत्र सेनानियों को शॉल एवं फूलमाला पहनाकर सम्मानित किया।
अपने संबोधन में अजय भट्ट ने कहा कि 25 जून 1975 को तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी द्वारा थोपे गए आपातकाल ने लोकतंत्र की हत्या की थी। उन्होंने कहा कि उस समय संविधान का माखौल उड़ाते हुए एक लाख से अधिक लोगों को जेल में बंद कर दिया गया। पत्रकारों की आवाज दबाई गई और कई प्रिंटिंग प्रेस बंद कर दिए गए।
उन्होंने आगे कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS), जनसंघ और अन्य विपक्षी दलों के नेताओं को भी जेल में डाल दिया गया। जेल में बंद लोगों को अमानवीय यातनाएं दी गईं। कई लोगों को भोजन तक नहीं दिया गया, और कुछ के नाखून तक उखाड़ दिए गए।
अजय भट्ट ने कहा कि 1971 के चुनाव को न्यायालय ने अवैध ठहराया था, जिससे घबराकर इंदिरा गांधी ने अपने पद को बचाने के लिए देश में आपातकाल लागू किया और संविधान को तहस-नहस कर दिया।
इस अवसर पर भाजपा जिला अध्यक्ष मनोज पाल, काशीपुर विधायक त्रिलोक सिंह चीमा, महापौर दीपक बाली, पूर्व विधायक डॉ. शैलेन्द्र मोहन सिंघल, गन्ना राज्य मंत्री मनजीत सिंह राजू सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
अन्य प्रमुख उपस्थित गणमान्यों में राजेश कुमार, राम मेहरोत्रा, सीमा चौहान, गुरविंदर सिंह चंडोक, राजीव सैनी, डॉ. यशपाल रावत, प्रियंका अग्रवाल, सृष्टि बंसल, मुक्ता सिंह, रीति नागर, वैभव गुप्ता, दीपा पाठक, अनीता कांबोज, संतोष जयकरन, इंतजार हुसैन, समरपाल सिंह, डॉ. यूनुस चौधरी, आकाश गर्ग, कल्पना राणा, रिकी पोंटिंग, अर्जुन सिंह आदि उपस्थित थे।
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