@शब्द दूत ब्यूरो (24 मई 2024)
ऋषिकेश । मरीज वार्ड में अपने बिस्तर पर थे। अचानक एक पुलिस जीप धड़धड़ाती हुई आई और वहाँ हड़कंप मच गया। पुलिस जीप को देखकर गार्ड भागने लगा। काफी देर तक किसी को समझ नहीं आया कि अस्पताल के चौथे माले पर बने इमर्जेंसी वार्ड में ये क्या हो रहा है। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है। आखिर इस घटना की सच्चाई क्या है?
ऋषिकेश एम्स में पुलिस की एक गाड़ी आरोपी को पकड़ने के लिए अस्पताल की चौथी फ्लोर पर मरीजों से भरी इमरजेंसी वार्ड में घुस गई। दरअसल पुलिस छेड़छाड़ के आरोपी को पकड़ने के लिए आई थी। और फिल्मी अंदाज में पुलिस ने आरोपी को पकड ही लिया।
इमरजेंसी वार्ड में पुलिस की गाड़ी घुसने पर ऋषिकेश एम्स के निदेशक मीनू सिंह ने सफाई दी है। उन्होंने कहा, अस्पताल में एक घटना घटी थी जिसमें महिला डॉक्टर के साथ छेड़छाड़ की गई थी। आरोपी को मनोरोग वार्ड में भर्ती कराया गया था। डॉक्टर आरोपी के खिलाफ जल्द से जल्द कार्रवाई चाहती थी और उन्होंने वार्ड का ‘घेराव’ कर दिया था। इसी वजह से पुलिस ने आरोपी को बाहर निकालने के लिए कार का इस्तेमाल किया। हमारे बैटरी चालित वाहनों के लिए बनाए गए रैंप का इस्तेमाल पुलिस ने किया। यह एक इमरजेंसी एक्शन था जिसमें कोई भी मरीज घायल नहीं हुआ।
बहरहाल ऐसा आपने फिल्म में ही देखा होगा लेकिन उत्तराखंड पुलिस ने रील लाइफ की यह घटना रियल लाइफ में भी सच साबित कर दिखाई।
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