@शब्द दूत ब्यूरो (30 मई 2023)
काशीपुर। सैनिक कालोनी में रह रहे इस दंपत्ति को लाचारी और दूसरों के सहारे अपनी जिंदगी काटनी पड़ रही है। बागेश्वर के मूल निवासी दिलीप डोबरियाल यहां सैनिक कालोनी में अपने परिवार के साथ रहते हैं।
दिलीप घरों में पुताई का काम कर अपने परिवार,जिसमें उसकी पत्नी ललिता और एक 14 वर्ष की बेटी है,का पेट पालता है। लेकिन चार महीने पहले उसके पैरों में मवाद भर गया जिससे वह लाचार होकर घर बैठ गया। दिलीप मूक बधिर तो पहले से ही था अब बीमारी ने उसे लाचार कर दिया। पत्नी ललिता घरों में काम करने लगी। लेकिन ललिता जिन घरों में काम करती थी वहां से उसे पैसे पूरे नहीं मिलते थे वहीं हर तरह का भरपूर घरेलू काम उससे कराया जाता था। ललिता ने बताया कि पूरे माह काम करने के बजाय कुल पांच सौ रुपए उसे देते थे। एक बेटी है 14 वर्ष की जिसे मुरादाबाद उसकी बुआ के पास रहने के लिए भेज दिया है। ललिता के माता-पिता दिनेशपुर रहते हैं। लेकिन वह भी काफी गरीब हैं थोड़ी बहुत मदद कर पाते हैं।
ललिता का कहना है कि उसके पति का किसी तरह उपचार हो जाये तो वह आगे की जिंदगी में भी कुछ कर पाये।
सब तरफ से निराश और हताश ललिता वार्ड पार्षद के पास गयी तो उसे टका सा जवाब मिला कि हमारा काम सिर्फ साइन करना है। पिछले दिनों आई आंधी में उनके घर की चारदीवारी गिर गई। लेकिन उस परिवार के पास उसे ठीक करने के लिए कोई व्यवस्था नहीं। खाने के लिए ही पूरा नहीं पड़ता चारदीवारी कौन बनाये। मदद की गुहार लगाने पर जनप्रतिनिधि का ऐसा रुखा जबाव। हर ओर से निराश और हताश ललिता ने लोगों से गुहार लगाई है।
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