@शब्द दूत ब्यूरो (03 अगस्त 2022)
एक दर्दनाक दृश्य इससे ज्यादा क्या हो सकता है कि अस्पताल में मृत पत्नी के शव को उसका पति स्ट्रेचर और एंबुलेंस न मिलने पर कंधे पर ढोकर ले जाये। वह भी तब जब सरकार दावा करती है कि स्वास्थ्य सुविधाओं पर करोड़ों खर्च किए जा रहे हैं।
हाथरस के गांव चिंतापुर बदन निवासी रामखिलाड़ी की पत्नी प्रवेश की तबीयत खराब हो गई। उन्हें उपचार के लिए जिला अस्पताल ले जाया गया जहाँ चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
मृतक महिला के देवर उमेश ने बताया कि अस्पताल के किसी कर्मचारी ने उन्हें यह जानकारी तक नहीं दी कि शव वाहन भी उपलब्ध कराया जाता है। जब उन्हें पता चला तो वे शव को कंधे पर रखकर काफी देर तक अस्पताल परिसर में शव वाहन ढूंढते रहे। उन्हें स्ट्रेचर तक मुहैया नहीं कराया गया। मजबूरन मृतका के परिजन शव को प्राइवेट एंबुलेंस से गांव लेकर गए। पूरा मामला हाथरस जनपद के बागला जिला अस्पताल का है।
उधर हाथरस के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ मंजीत सिंह ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में नहीं है। अगर ऐसा कुछ हुआ है तो मामले की जांच कराई जाएगी।
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