@शब्द दूत ब्यूरो (04 जुलाई, 2022)
लो-वोल्टेज की समस्या के चलते कोटेश्वर-शशिखाल पंपिंग योजना से पिछले चार दिन से पानी की आपूर्ति नहीं हो रही है। मौलेखाल तहसील मुख्यालय, बाजार समेत सौ गांवों की लगभग बीस हजार जनता पेयजल संकट से जूझ रही है लेकिन पेयजल निगम और ऊर्जा निगम के अधिकारी और कर्मचारी कानों में तेल डालकर बैठे हुए हैं।
कोटेश्वर-शशिखाल पंपिंग योजना से तहसील क्षेत्र के अंतर्गत 100 से अधिक गांवों की करीब बीस हजार से अधिक आबादी को पेयजल आपूर्ति होती है। पर इस योजना से पिछले चार दिन से पानी सप्लाई नहीं हो पा रहा है। इस कारण तहसील, ब्लाक मुख्यालय, मौलेखाल बाजार समेत आसपास के सौ से अधिक गांवों की बीस हजार आबादी पेयजल संकट से जूझने को मजबूर है।
पानी नहीं आने से लोग दूरदराज स्थित नौलों, सड़क किनारे स्थापित हैंडपंपों से पानी लाकर किसी तरह गुजारा कर रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि योजना से आए दिन पानी की आपूर्ति बाधित रहती है, लेकिन पेयजल निगम इस ओर ध्यान नहीं देता है। चार दिन से पानी नहीं आने पर लोग प्राकृतिक जल स्रोतों से पानी लाने को मजबूर हैं। पानी का इंतजाम करने में भी उनका काफी समय बर्बाद हो रहा है। पालतू जानवरों के लिए पानी जुटाने में उन्हें काफी मशक्कत का सामना करना पड़ रहा है।
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