@नई दिल्ली शब्द दूत ब्यूरो (24 अप्रैल, 2022)
ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (डीसीजीआई) ने फाइजर की ‘पैक्सलोविड’ टैबलेट को मंजूरी दे दी है। कोविड-19 के खिलाफ इस दवा के आपातकालीन इस्तेमाल की अनुमति होगी। देश में कोरोना मामलों के बीच ‘गेमचेंजर’ बताई जा रही यह दवा अगले हफ्ते से उपलब्ध होगी।
भारत में हेटेरो लैब्स इस दवा का जेनेरिक वर्जन बनाएगी। फाइजर ने पिछले साल 95 देशों में पैक्सलोविड का जेनेरिक वर्जन बनाने के लिए वॉलंटरी लाइसेंस देने का ऐलान किया था। ‘पैक्सलोविड’ की सिफारिश विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्लूएचओ) ने भी की है।
डब्लूएचओ के अनुसार, फाइजर की गोली कोविड के माइल्ड और मॉडरेट मरीजों को दी जानी चाहिए। अभी यह टैबलेट केवल प्रिस्क्रिप्शन पर उपलब्ध होगी। एक मरीज को 5 दिन में कुल 30 टैबलेट खानी होंगी। हर रोज दो बार तीन-तीन गोलियों की डोज होगी।
कोरोना महामारी के इलाज के लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन ने फाइजर की ‘पैक्सलोविड’ गोली की अनुशंसा की है। इसके पहले रेमेडिसिविर और मोलनुपिरविर को मंजूरी दी जा चुकी है। डब्ल्यूएचओ ने कहा कि वह फाइजर की एंटी वायरल गोली पैक्सलोविड के इस्तेमाल की अनुशंसा करता है। इसे अस्पताल में भर्ती किए जाने की जोखिम वाले हल्के व मध्यम श्रेणी के कोरोना रोगियों को दिया जा सकता है।
डब्लूएचओ ने चेताया है कि कोरोना रोधी दवाओं की उपलब्धता और कीमतों में पारदर्शिता का अभाव अब भी बड़ी चुनौती बना हुआ है। इससे निम्न व मध्यम आय वर्ग के देशों के लोगों को इलाज के लिए फिर कतारों में खड़े होने के लिए विवश होना पड़ सकता है।


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