@शब्द दूत ब्यूरो (07 अप्रैल, 2022)
*देहरादून में स्मार्ट सिटी को लेकर चल रहे प्रशासन के कामों को लेकर लोगों में नाराजगी देखने को मिल रही है। चारों तरफ सड़कें खुदी हुई हैं, जिससे व्यापारियों को भी खासी परेशानी हो रही है।*
उत्तराखंड सरकार देहरादून को स्मार्ट सिटी बनाने की कवायद में लगी हुई है। जिसके लिए यहां सड़क निर्माण से लेकर कई तरह के काम चल रहे हैं, लेकिन यहां के लोग स्मार्ट सिटी के कामों से नाराज दिखाई दे रहे हैं। शहर में हर जगह सड़कें खुदी हुई हैं, जिससे लोगों को हर रोज परेशानियों से दो चार होना पड़ता है।
बात करें देहरादून के मशहूर पलटन बाजार की तो यहां भी स्थानीय लोगों की नाराजगी कम नहीं है। उनका कहना है कि इससे देहरादून का सबसे पुराना ऐतिहासिक पलटन बाजार बदसूरत हो गया है। पलटन बाजार में साल 2019 से स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत काम शुरू हो गया था लेकिन अब इस पर सवाल उठ रहे हैं।
पलटन बाजार के स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि जब से यहां काम शुरू हुआ है तब से बाजार की हालत बद से बदतर हो गई है। बाजार में स्थित अंग्रेजों के जमाने से बनी नालियां आज भी काम कर रही हैं जबकि स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत बनी सीवरेज से हल्की बरसात में ही ओवरफ्लो हो जाता है। आलम ये हैं कि अब स्मार्ट सिटी द्वारा बनी सीवरेज को बंद कर पुरानी नालियों का ही उपयोग किया जा रहा हैं। स्मार्ट सिटी के तहत बनी सिवरेज में सिर्फ पैसे का दुरुपयोग हुआ है और कुछ भी नहीं।
हैरिटेज बजार को स्मार्ट बनाने के लिए लगाई गई टाइल्स भी अब अपना दम तोड़ने लगी हैं। जगह-जगह टाइल्स के टूटने से गड्ढे भी बन गए हैं जिनमें आये दिन कई दोपहिया वाहन चालक फंसकर चोटिल हो रहे हैं। ऐसे हादसे पलटन बाजार में कई बार हो चुके हैं।
वहीं इसे लेकर शहरी विकास मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल भी कई बैठक ले चुके हैं। अग्रवाल ने कहा कि यहां होने वाले कामों को लेकर सभी को निर्देशित किया गया है। साथ ही कहा गया है कि किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी विभागों से समन्वय करके काम करने को कहा ताकि रोड़ को बार-बार न खोदा जाए।
शहर को स्मार्ट बनाने के लिए करोड़ों रुपये तो लगाए गए हैं लेकिन शहर स्मार्ट बनने की बजाय बदसूरत जरूर हुआ है। स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के बाद शहर की स्मार्टनेस के सपने टूटते दिखाई दे रहे हैं। अब देखना होगा की सरकार के हस्तक्षेप के बाद कार्यदायी संस्थाएं स्मार्ट सिटी के कामों को कितनी स्मार्टनेस के साथ काम करती हैं।
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