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बड़ी बात :उत्तराखंड के चुनावी मौसम में जिलों की घोषणा

@नई दिल्ली शब्द दूत ब्यूरो (20 दिसंबर, 2021)

उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव बेहद नजदीक हैं। ऐसे में राजनीतिक पार्टियों द्वारा एक के बाद एक चुनावी घोषणाएं भी की जा रही हैं। इसी कड़ी में कांग्रेस और आप पार्टी ने राज्य में जिलों के गठन का वादा किया है। 

जैसे जैसे चुनाव नजदीक आ रहे है, प्रदेश में जिला बनाओ राजनीति तेज होती जा रही है। यानि सियासी दल जिलों की चाशनी जनता को बांट रहे हैं। इसमें बीजेपी तो चुपचाप तमाशा देख रही है लेकिन आम आदमी पार्टी और कांग्रेस ने अपनी सरकार बनने पर नए जिलों के गठन करने की लंबी चौड़ी घोषणाएं कर डाली है।

लगभग 86 हजार करोड़ के कर्ज में डूबे उत्तराखंड में इस बात का भी अध्ययन नहीं किया कि नए जिलों की आवश्यकता भी है कि नहीं। और नए जिलों पर होने वाले सैकड़ों करोड़ के बजट की व्यवस्था कैसे और कहां से होगी। जिस हिसाब से कांग्रेस और आम आदमी पार्टी ने जिले बनाने की घोषणा की है उस हिसाब से क्रमश 3000 करोड़ और 1800 करोड़ रूपये चाहिए।

प्रथम दृष्ट्या ये घोषणाएं पूरी तरह से चुनावी लगती है। राज्य बनने के बाद उत्तराखंड में एक भी जिला बनाने की जरुरत क्यों नहीं हुई? हां, तहसीलें दर्जनों बनाई लेकिन कइयों को आज तक पूर्णकालिक तहसीलदार तक नसीब नहीं हुए। कई तहसील तो ऐसी हैं जहां नाजिर छुट्टी पर जाता है तो तहसील के गेट पर ताला लग जाता है।

नेताओ के दावों और प्रतिदावों के बीच इस बात का अध्ययन नहीं किया गया कि जो घोषणाएं की जा रही है वो कैसे पूरी होंगी। आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के नए जिले बनाने की जो घोषणा हो रही है वो सामान्य वादों की तरह है या इसमें किसी तरह की कोई गंभीरता भी छुपी हुई है।

कांग्रेस कैम्पेन कमेटी के चैयरमैन पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने घोषणा की है कि खटीमा, काशीपुर, डीडीहाट, रामनगर, कोटद्वार, यमुनोत्री, रुड़की, बीरोंखाल, गैरसैण, पुरोला को जिला बनाया जायेगा। वहीं आम आदमी पार्टी ने उत्तराखंड में सत्ता में आने पर काशीपुर, रानीखेत, डीडीहाट, रुड़की, यमुनोत्री और कोटद्वार को जिला बनाने का वादा किया है।

उत्तर प्रदेश के समय में मंत्रिमंडल की मंजूरी के बाद एक निर्णय हुआ था, जिसमें इस बात का उल्लेख है कि जिला बनाने के लिए क्या चाहिए। एक जिला बनाने के लिए 12 विकास खंड (ब्लॉक) होने चाहिए। इसके अलावा एक जिले को पूरी तरह से स्थापित करने के लिए 300 करोड़ के बजट की व्यवस्था करनी होगी।

कांग्रेस ने दस नए जिले बनाने की घोषणा की है तो 3000 करोड़ की व्यवस्था करनी पड़ेगी। जबकि आम आदमी पार्टी ने छह जिले बनाने की घोषणा की है, इस हिसाब से 1800 करोड़ के बजट की आवश्यकता होगी।

पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि हमारी सरकार आएगी तो हम रुड़की से लेकर डीडीहाट तक दस नए जिलों का गठन करेंगे। इसके लिए बजट की व्यवस्था करने के लिए हुनर चाहिए, हम बंदोबस्त कर लेंगे उत्तराखंड प्रदेश की मांग है कि नई प्रशासनिक इकाइयों का गठन होना चाहिए।

आप नेता कर्नल अजय कोठियाल का कहना है कि कांग्रेस और भाजपा केवल कोरी घोषणाएं करती है, आम आदमी पार्टी जो कहती है वो करके दिखाती है। हमने कहा है कि नए जिले बनाएंगे, सत्ता में आने के बाद करके भी दिखा देंगे।

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