शब्द दूत ब्यूरो (14 जुलाई 2021)
नासिक। शादी का कार्ड व्हाट्सएप पर वायरल होने के बाद सामाजिक संगठनों के विरोध के चलते शादी आखिरकार रद्द करनी पड़ी।
यहाँ ज्वैलरी व्यवसाय से जुड़े प्रसाद अडगांवकर की बेटी की शादी एक मुस्लिम परिवार के लड़के से रजामंदी से हो रही थी। हालांकि लड़का और लड़की नासिक कोर्ट में पहले ही शादी कर चुके हैं। अब 18 जुलाई को रस्मों व रीति रिवाज के साथ शादी करने के लिए परिवार ने कार्ड छपवाया साथ ही नासिक में एक बड़ा होटल भी बुक कर दिया। पिता ने कहा कि इस मामले में जबरन शादी जैसा कुछ नहीं है। पिता ने बताया कि इन सब के बावजूद वे अपनी बेटी के साथ खड़े हैं और उसकी पसंद पर पूरा भरोसा है।
पिता अडगांवकर बताते हैं कि दोनों परिवार वर्षों से एक दूसरे से परिचित हैं। उनकी लड़की रसिका दिव्यांग है और इस कारण परिवार को उसके लिए अच्छा लड़का देखने में परेशानी आ रही थी। हाल ही में रसिका और उसके साथ पढ़ने वाले उसके दोस्त आसिफ खान ने अपनी रजामंदी से शादी करने का फैसला किया। दोनों के परिवार एक-दूसरे को काफी साल से जानते हैं, ऐसे में दोनों परिवार शादी के लिए राजी हो गए।’
कोरोना की वजह से वह कुछ ही लोगों की मौजूदगी में यह शादी करना चाहते थे। लेकिन शादी का कार्ड वायरल होने के बाद उन्हें धमकी के फोन आने लगे। और शादी रद्द करने के लिये उन्हें कुछ लोगों ने बुलाया। विरोध को देखते हुए दोनों परिवारों को यह शादी रद्द करनी पड़ी।
यह मामला नासिक में काफी चर्चित रहा लेकिन मामले में किसी पक्ष की ओर से शिकायत दर्ज नहीं करायी गयी है। लाड स्वर्णकार संस्था, नासिक के अध्यक्ष सुनील महलकर ने बताया कि कुछ दिन पहले प्रसाद की ओर से हमें एक पत्र मिला, जिसमें लिखा था कि उनकी बेटी की शादी रद्द कर दी गई है। उधर लड़के के परिवार ने अब तक इस मामले में चुप्पी साध रखी है।
Shabddoot – शब्द दूत Online News Portal





