@नई दिल्ली शब्द दूत ब्यूरो
अमेरिका के कोविड एक्सपर्ट और राष्ट्रपति के मेडिकल एडवाइजर डॉक्टर एंथनी फाउची ने कहा है कि ज्यादा लोगों को टीका न लगा हो तो डेल्टा वेरिएंट वाले किसी भी देश का चिंतित होना लाजिमी है। उन्होंने कहा कि कोविड वैक्सीन के बीच अंतराल बढ़ाने से लोगों के वायरस के वेरिएंट की चपेट में आने की आशंका बढ़ सकती है।
गौरतलब है कि फायज़र वैक्सीन के लिए यह अंतराल तीन और मॉडर्ना के लिए चार सप्ताह है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि कोरोना वैक्सीन के बीच का अंतराल उस स्थिति में अच्छा है यदि कोई देश वैक्सीन आपूर्ति को लेकर मुश्किल का सामना कर रहा हो। डॉ. फाउची अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन के मेडिकल सलाहकार भी हैं।
पिछले महीने सरकार ने एस्ट्रेजेनेका की वैक्सीन (भारत में कोविशील्ड के नाम से निर्मित और बेची जाती है) की दो डोज के बीच के अंतराल को 6 से 8 हफ्तों से बढ़ाकर 12 से 16 हफ्ते कर दिया था। यह दूसरी बार है जब कोविशील्ड की खुराक में अंतराल को बढ़ाया गया है। मार्च में राज्यों से बेहतर “नतीजों के लिए” के लिए अंतराल को 28 दिन से बढ़ाकर छह हफ्ते करने के लिए कहा गया था।

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