एक वायरल वीडियो आपने देखा होगा जिसमें एक विवाह समारोह में कोरोना गाइडलाइंस का पालन न करने पर जिलाधिकारी ने विवाह समारोह में जाकर दूल्हे को धक्का दिया और अभद्रता की। डीएम ने कानून का पालन तो किया लेकिन उनका आचरण मर्यादित नहीं था। इसलिए उन्हें निलंबित कर दिया गया।
अब आपको बताते हैं कि कि एक भाजपा विधायक के बेटे की शादी में भी कोरोना गाइडलाइंस का उल्लंघन किया गया लेकिन उनके वहाँ पालन करवाने वाले अधिकारी हाथ जोड़कर खड़े रहे होंगे।
जी हाँ, सोमवार की रात अररिया जिले के फारबिसगंज के भाजपा विधायक विद्यासागर केशरी उर्फ मंचन केशरी के बेटे प्रेम केशरी की शादी में नाइट कर्फ्यू और कोरोना गाइडलाइंस की जमकर धज्जियां उड़ाई गईं। यहां न केवल सोशल डिस्टेंसिंग की सरेआम धज्जियां उड़ी बल्कि नाइट कर्फ्यू का भी मखौल उड़ा।
कोरोना गाइडलाइंस के तहत शादी के लिए अधिकतम 100 आदमी और रात 9 बजे तक का प्रावधान है लेकिन इसके उलट शादी समारोह 12 बजे रात तक चलता रहा। समारोह में भीड़ दिखी मगर मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग का किसी ने पालन नहीं किया। हालांकि एसपी हृदयकान्त ने विधि सम्मत कार्रवाई करने की बात कही है।बात जब विधायक की हो, वह भी सरकार में शामिल पार्टी और देश की सत्ता में बैठी बीजेपी से जुड़ा हो तो तमाम नियम कानून दरकिनार हो जाते हैं। फारबिसगंज विधायक के बेटे की शादी में कोरोना गाइडलाइन की धज्जियां उड़ती रहीं और उन्हें रोकने के लिए न तो प्रशासन और न ही पुलिस का कोई अधिकारी वहां मौजूद था। अब कह नहीं सकते हैं कि विधायक के बेटे की शादी में पुलिस और प्रशासन के किसी अधिकारी को निमंत्रण नहीं गया होगा कि यह बहाना भी कर सकें कि उन्हें जानकारी नहीं थी। शादी में जुटी भीड़ के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं करना यह बताता है कि नाइट कर्फ्यू या कोरोना गाइडलाइन सिर्फ आम लोगों के लिए बनाए गए हैं, वीआईपी पर यह लागू नहीं होता है।


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