@शब्द दूत ब्यूरो
मुंबई। अर्णब गोस्वामी के खिलाफ महिला पुलिस अधिकारी के साथ कथित मारपीट करने के आरोप में एक और एफआईआर दर्ज की गई है। आरोप है कि उनके निवास पर पुलिस के पहुंचने पर उन्होंने कथित तौर पर महिला पुलिस अधिकारी के साथ मारपीट की। गोस्वामी के खिलाफ आईपीसी की धारा 353, 504 और 34 के तहत एनएम जोशी पुलिस थाने में मामला दर्ज किया गया है। इसके अलावा अर्णब गोस्वामी को अदालत ने कोर्ट के अंदर फोन का उपयोग करने और कार्यवाही को लाइव प्रसारण करने पर फटकार भी लगाई।
रिपब्लिक टीवी के एडिटर इन चीफ अर्णब गोस्वामी को 53 साल के इंटीरियर डिजाइनर को कथित रूप से आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में गिरफ्तार किया गया है। उधर, अर्णब गोस्वामी ने दावा किया कि पुलिस ने उनके घर पर उनके साथ बदसलूकी की। वरिष्ठ पत्रकार को जिस मामले में गिरफ्तार किया गया है दरअसल वह साल 2018 का है। साल 2018 के मई महीने में इंटीरियर डिजायनर अन्वय नाइक औऱ उनकी मां कुमुद नाईक ने अलीबाग के अपने घर मे खुदकुशी की थी। मरने के पहले अन्वय ने सुसाइड नोट छोड़ा था, जिसमें उन्होंने अपनी मौत के लिए तीन लोगों को जिम्मेदार ठहराया गया था। उनमें से एक नाम अर्णब गोस्वामी का भी था।
पुलिस के मुताबिक मामले में दो अन्य लोगों को भी हिरासत में लिया गया है। एक नितेश सारडा जिस पर खुदकुशी नोट में 55 लाख रुपये बाकी होने का आरोप है दूसरा फिरोज शेख, जिस पर 4 करोड़ रुपये बाकी होने का आरोप है।
सरकार में शामिल कांग्रेस, एनसीपी और शिवसेना ने अर्णब गोस्वामी की गिरफ्तारी का स्वागत किया है। जबकि बीजेपी इसे तानाशाही बता रही है। आरोप है कि सुशांत सिंह राजपूत की संदिग्ध मौत को अर्णब ने मुद्दा बनाकर मुंबई पुलिस और ठाकरे सरकार को घेरना शुरू किया था। इसलिए बदले की भावना से सरकार ये कार्रवाई कर रही है।




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