सुयालबाड़ी । कोरोना महामारी के इस दौर में उत्तराखण्ड में स्वास्थ्य अव्यवस्थाओं की कमी नहीं हैं। कल देर शाम को ग्राम छीमी,मटेला,रामगढ़ ओखलकांडा के लोगों की कोरोना रिपोर्ट आयी जिसमें छीमी मटेला के आंकड़े चौकाने वाले थे एक साथ लगभग गाँव के 50 से अधिक लोगों की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आयी इसके बाद से ही सभी ग्रामीणों की रात दहशत में गुजरी।
आज दोपहर आशा कार्यकर्ता एवं एएनएम ने सभी कोरोना संक्रमितों के घर जाकर मुलाकात की एवं कुछ लोगों को होम आईसोलेशन के निर्देश दिए। साथ ही 24 संक्रमितों को बताया कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा गाड़ी भेजी जायेगी एवं होटल में क्वारन्टीन के लिये भेजा जायेगा। ग्रामीण 3 बजे से 7:30 बजे तक रोड पर खड़े होकर गाड़ी का इंतजार करते रहें जिसमें बच्चे महिलाएं बुजर्ग सभी थे।
इसकी जानकारी मिलने पर उक्रांद प्रवक्ता कार्तिक उपाध्याय ने एसडीएम प्रतीक जैन एवं चिकित्सा प्रभारी डॉ गौरव काण्डपाल से संपर्क किया।
एसडीएम प्रतीक जैन ने फिलहाल कहा कि ग्रामीणों को घर भेज दें। जबकि डॉ काण्डपाल का कहना हैं कि एक साथ इतने लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आना हज़म होने जैसा नही है । रिपोर्ट ग़लत होने की उम्मीद हैं। और आज रात इन सभी जाँचों को क्रॉस चेक किया जायेगा जिसकी रिपोर्ट देर रात या कल सुबह आने की उम्मीद हैं। उसके बाद ही आगे की स्थिति साफ़ हो पायेगी।
उक्रांद प्रवक्ता का कहना हैं कि यदि रिपोर्ट पर भरोसा नही था तो लाचार ग्रामीणों को 5 घण्टे तक सड़क पर क्यों खड़ा रखा गया उन्हें प्रशाशन या स्वास्थ्य विभाग द्वारा यह बात समय पर क्यों नही बता दी गयी इन अव्यथाओं का जिम्मेदार कौन हैं?
उक्रांद प्रवक्ता कार्तिक उपाध्याय ने शब्ददूत से कहा हैं कि स्वास्थ्य विभाग एवं प्रशासन की लापरवाही के कारण ग्रामीणों को परेशानी एवं उनका मानसिक उत्पीड़न हो रहा हैं। बहरहाल देखना होगा कि दोबारा जांच के बाद रिपोर्ट क्या आती हैं? और इन लापरवाहियों की जिम्मेदारी कौन लेता हैं और क्या कार्यवाही होती हैं?
उक्रांद प्रवक्ता का कहना है कि उत्तराखंड में स्वास्थ्य अव्यवस्थाओं का अंबार हैं इसमें कोई दोराय नहीं हैं और असफ़ल सरकार विज्ञपनों में वाहवाही लूट रही हैं।

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