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काशीपुर : बहुउद्देशीय शिविर में बिफरे चीमा और उपजिलाधिकारी, फरियादियों की उमड़ी भीड़

@विनोद भगत

काशीपुर । रामलीला मैदान में आयोजित बहुउद्देशीय शिविर में आज विधायक हरभजन सिंह चीमा पेंशन के तो उपजिलाधिकारी सुंदर सिंह अधिकारियों पर जम कर बिफरे। शिविर में तमाम फरियादियों ने अपनी समस्याओं से संबंधित प्रार्थना पत्र दिये। जिनके मौके पर निस्तारण के निर्देश उपजिलाधिकारी ने दिये।

आज यहाँ रामलीला मैदान में विभिन्न विभागों से संबधित जन समस्याओं के निराकरण के लिए बहुउद्देशीय शिविर आयोजित किया गया। शिविर में आई अधिकांश शिकायतें राजस्व विभाग से सबंधित रहीं। हालांकि शिक्षा, स्वास्थ्य अतिक्रमण आदि को लेकर भी जनता ने अपनी समस्याएं बताईं।

शिविर की शुरुआत में ही जैसे ही विधायक हरभजन सिंह चीमा और उपजिलाधिकारी सुंदर सिंह पहुंचे तो वृद्धावस्था पेंशन को लेकर वहाँ मौजूद जिला समाज कल्याण अधिकारी नवीन भारती के समक्ष कुछ लोगों ने पेंशन के फार्म विभाग द्वारा अस्वीकृत करने की शिकायत की जिस पर विधायक चीमा ने उपजिलाधिकारी सुंदर सिंह से जानकारी मांगी। विधायक चीमा के पूछने पर उपजिलाधिकारी ने समाज कल्याण विभाग को इसके लिए जिम्मेदार बताया। वहां मौजूद जिला समाज कल्याण अधिकारी ने कहा कि उनके विभाग में राजस्व विभाग के जरिए जो पूर्ण आवेदन आते हैं उनकी पेंशन तत्काल स्वीकृत कर दी जाती है। साथ ही उन्होंने कहा कि शासनादेश के अनुरूप भरे हुए व पूर्ण आवेदन पत्र ही स्वीकार किये जाते हैं। इस पर विधायक चीमा ने नाराजगी जताई। विधायक का कहना था कि पेंशन के मामले में उन पर आरोप लगाया जाता है कि उनके क्षेत्र के पात्र लोगों को पेंशन नहीं दिलवा पा रहे। विधायक ने इस मामले में में स्थिति स्पष्ट करने को कहा।

बाद में शिविर में आये फरियादियों के प्रार्थना पत्र पर उपजिलाधिकारी सुंदर सिंह जब समाधान बता रहे थे तो एक मामले में डीपीओ को तलब किया। मौके पर डीपीओ के न होने की जानकारी मिलते ही उपजिलाधिकारी का पारा चढ़ गया और उन्होंने वहाँ मौजूद डीपीओ कार्यालय के कनिष्ठ सहायक को तुरंत डीपीओ को शिविर में बुलाने को कहा अन्यथा मुकदमा दर्ज कराने को कहा। थोड़ी देर बाद डीपीओ शिविर में पहुँची जहाँ उपजिलाधिकारी ने उनका जबाव तलब किया।

शिविर में आवासविकास निवासी एक विकलांग महिला रेनू गुप्ता ने बताया कि राजकीय चिकित्सालय में उसका विकलांग सर्टिफिकेट बनाने में टाल मटोल की जा रही है। जब उसने यह बताया कि वह भीख मांगते मांगते चिकित्सालय पहुंची तो उसे वहाँ से भगा दिया गया जिस पर उपजिलाधिकारी ने तत्काल सरकारी अस्पताल के चिकित्सक को बुलाकर उसका नियमानुसार विकलांग सर्टिफिकेट बनाने का आदेश दिया। यही नहीं उपजिलाधिकारी ने उस महिला को अपनी जेब से आर्थिक सहायता भी प्रदान की।

उपजिलाधिकारी सुंदर सिंह ने शिविर में मौजूद राजस्व अधिकारियों को निर्देश दिए कि विभिन्न प्रमाण पत्र बनाने आयी जनता का शोषण न किया जाये। यदि उन्हें ऐसी शिकायत मिलेगी तो वह कठोर कार्रवाई करेंगे। समाचार लिखे जाने तक शिविर जारी था।

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