@शब्द दूत ब्यूरो (08 अप्रैल 2026)
काशीपुर। काशीपुर में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में गदरपुर के पूर्व पालिकाध्यक्ष सुरेश कांबोज और वरिष्ठ भाजपा नेता सुखदेव सिंह नामधारी ने गदरपुर के भाजपा विधायक अरविंद पांडेय पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उनकी गतिविधियां लगातार पार्टी और सरकार के खिलाफ रही हैं तथा अब उन्हें पार्टी से बाहर करने की तैयारी चल रही है।
प्रेस वार्ता में दोनों नेताओं ने कहा कि उत्तराखंड में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार अच्छा काम कर रही है, लेकिन कुछ लोग पार्टी के भीतर रहकर ही संगठन और सरकार की छवि को नुकसान पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अरविंद पांडेय लगातार पार्टी लाइन से हटकर काम कर रहे हैं और भाजपा कार्यकर्ताओं को भ्रमित करने की कोशिश कर रहे हैं।
सुरेश कांबोज ने कहा कि जसपुर से खटीमा तक भाजपा के भीतर ऐसे लोगों की पहचान की जाएगी जो संगठन को नुकसान पहुंचा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अरविंद पांडेय का राजनीतिक चरित्र “यूज एंड थ्रो” वाला रहा है और वे हमेशा कार्यकर्ताओं को आपस में लड़ाने, गुटबाजी फैलाने और चुनावी समय में माहौल बिगाड़ने का काम करते रहे हैं।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में आरोप लगाया गया कि अरविंद पांडेय का जनाधार कमजोर होने के बाद उन्होंने काशीपुर और आसपास के क्षेत्रों में सक्रियता बढ़ाई। वक्ताओं ने यह भी कहा कि वे भाजपा में रहकर समानांतर शक्ति केंद्र बनाने की कोशिश कर रहे हैं, जो पार्टी अनुशासन के खिलाफ है।
सुखदेव सिंह नामधारी ने कहा कि भाजपा ने हमेशा सभी वर्गों को साथ लेकर चलने का काम किया है और मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व में प्रदेश में समान नागरिक संहिता, नकल विरोधी कानून, शिक्षा और सामाजिक सम्मान से जुड़े कई बड़े फैसले लिए गए हैं। उन्होंने कहा कि जब सरकार इतना अच्छा काम कर रही है, तब अपनी ही सरकार के खिलाफ बयानबाजी करना किसी भी तरह उचित नहीं है।
प्रेस वार्ता के दौरान अरविंद पांडेय पर भूमि कब्जे, सरकारी जमीनों के दुरुपयोग, जनजातीय और आरक्षित वर्गों की जमीनों के कथित लेन-देन जैसे गंभीर आरोप भी लगाए गए। नेताओं ने दावा किया कि कुछ जमीनों की खरीद-फरोख्त और नामांतरण को लेकर वे प्रशासनिक जांच की मांग करेंगे। उन्होंने विशेष रूप से कहा कि सेमलपुरी और अन्य क्षेत्रों में कथित रूप से कराई गई जमीनों की जांच होनी चाहिए।
सुरेश कांबोज ने कहा कि वे इस पूरे मामले को जिलाधिकारी के समक्ष उठाएंगे और यदि जरूरत पड़ी तो जिला मुख्यालय स्तर पर भी आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने मांग की कि विधायक और उनके परिजनों के नाम पर हुई जमीनों की जांच कराई जाए और यदि अनियमितता पाई जाए तो कड़ी कार्रवाई हो।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में वक्ताओं ने यह भी आरोप लगाया कि अरविंद पांडेय ने कई चुनावों में पार्टी प्रत्याशियों के खिलाफ काम किया। उन्होंने कहा कि लोकसभा और विधानसभा चुनावों के दौरान भी उनके व्यवहार को लेकर कई बार संगठन के भीतर शिकायतें हुईं, लेकिन हर बार उन्हें समझाने की कोशिश की गई।
वक्ताओं ने यह भी कहा कि भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच भ्रम की स्थिति पैदा करने वाले नेताओं को अब चिन्हित किया जाएगा। उन्होंने दावा किया कि भाजपा के समर्पित कार्यकर्ताओं और संगठन को कमजोर करने वाले लोगों के खिलाफ अब खुलकर मोर्चा लिया जाएगा।
प्रेस वार्ता के अंत में नेताओं ने कहा कि भाजपा एक अनुशासित पार्टी है और जो व्यक्ति पार्टी के भीतर रहकर पार्टी को ही नुकसान पहुंचाएगा, उसके खिलाफ संगठन स्तर पर कार्रवाई होना तय है। उन्होंने संकेत दिया कि आने वाले दिनों में अरविंद पांडेय के खिलाफ और भी दस्तावेजी आरोप सार्वजनिक किए जा सकते हैं।
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