@शब्द दूत ब्यूरो (21 फरवरी 2026)
नई दिल्ली। देश की खुफिया एजेंसियों ने पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (LeT) द्वारा दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किले, चांदनी चौक के मंदिर सहित भारत के प्रमुख धार्मिक स्थलों पर संभावित हमलों की योजना का इनपुट मिलने के बाद राष्ट्रीय राजधानी में हाई अलर्ट जारी किया है। सुरक्षा एजेंसियों ने दिल्ली पुलिस, केंद्रीय अर्धसैनिक बलों और स्थानीय प्रशासन को सतर्क रहने का आदेश दिया है।
खुफिया इनपुट के अनुसार, लश्कर-ए-तैयबा IED (इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) से चांदनी चौक क्षेत्र के एक प्रमुख मंदिर तथा लाल किले के आसपास धमाके की साजिश रच रहा है। उन स्थानों को बेहद संवेदनशील और भीड़-भाड़ वाला बताया गया है, जहाँ अगर हमला हुआ तो जनहानि और भय का व्यापक असर हो सकता है।
अधिकारियों का कहना है कि इस संभावित साजिश के पीछे 6 फरवरी को पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में एक मस्जिद में हुए धमाके के बाद “बदला लेने” की भावना हो सकती है, जिसके कारण यह हमला भारत में धार्मिक स्थलों को निशाना बनाने की सोच के साथ किया जा सकता है।
दिल्ली पुलिस और केंद्रीय बलों ने लाल किले, चांदनी चौक, पुरानी दिल्ली के मंदिरों और भीड़-भाड़ वाले आसपास के इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी है, जिसमें अतिरिक्त निगरानी, वाहन चेकिंग और चौकसी शामिल है।
बम निरोधक दस्तों को संवेदनशील जगहों पर तैनात किया गया है और संदिग्ध वस्तुओं की पहचान के लिए विशेष खुफिया तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है।
आम जनता और पर्यटकों से कहा गया है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना संबंधित सुरक्षा एजेंसियों को दें।
खुफिया एजेंसियों के चेतावनी संकेतों में यह भी बताया गया है कि यह संभावित योजना केवल दिल्ली तक सीमित नहीं है। देश के अन्य प्रमुख मंदिरों और धार्मिक स्थलों को भी आतंकियों की संभावित निशाने की सूची में रखा गया है, जिससे सुरक्षा एजेंसियों ने अन्य बड़े शहरों और धार्मिक स्थलों पर भी सतर्कता बढ़ा दी है।
इस चेतावनी का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है क्योंकि दिल्ली में 10 नवंबर 2025 को लाल किले के पास एक कार बम धमाका हुआ था, जिसमें अब तक के उच्चस्तरीय जांच के बावजूद भी सुरक्षा एजेंसियों द्वारा संदिग्ध आतंकी कनेक्शनों की खोज जारी है।
सुरक्षा एजेंसियों ने राष्ट्रीय राजधानी के सभी संवेदनशील क्षेत्रों में सीसीटीवी निगरानी, त्वरित प्रतिक्रिया टीम (QRT), चौक-सीमांतिग समन्वय और स्थानीय पुलिस-नागरिक सहभागिता को और मजबूत कर दिया है। साथ ही धार्मिक समुदायों से शांति और संयम बनाए रखने का अनुरोध किया गया है ताकि किसी भी अफवाह या सामाजिक तनाव को बढ़ने से रोका जा सके।
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