@शब्द दूत ब्यूरो (10 फरवरी 2026)
देहरादून। उत्तराखंड दौरे से पहले राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सर संघचालक डॉ. मोहन भागवत ने समान नागरिक संहिता (UCC) को लेकर उत्तराखंड सरकार के प्रयासों की खुलकर सराहना की है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड जैसा यूसीसी मॉडल पूरे देश में लागू किया जाना चाहिए, लेकिन इसके लिए सभी पक्षों से संवाद और सहमति जरूरी है।
डॉ. मोहन भागवत ने एक कार्यक्रम में कहा कि उत्तराखंड सरकार ने यूसीसी लागू करने से पहले इसका ड्राफ्ट तैयार कर जनता के सामने रखा और सुझाव मांगे। करीब तीन लाख से अधिक लोगों ने अपने सुझाव दिए, जिसके बाद विधेयक लाया गया। उन्होंने कहा कि कानून बनाने से पहले समाज के हर वर्ग से बातचीत होनी चाहिए, ताकि कानून सर्वस्वीकृत और प्रभावी बन सके।
आरएसएस प्रमुख ने यह भी कहा कि कानून बन जाने के बाद उसका पालन भी उतना ही जरूरी है। यदि संवाद और सहमति के साथ कानून लाया जाए तो उसका क्रियान्वयन बेहतर तरीके से हो पाता है।
डॉ. भागवत के बयान पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि संघ प्रमुख के शब्दों से राज्य सरकार का हौसला बढ़ा है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड सरकार ने यूसीसी को लेकर जो भी प्रयास किए, वे देवभूमि की जनता से संवाद कर ही किए गए हैं।
मुख्यमंत्री धामी ने विश्वास जताया कि एक दिन समान नागरिक संहिता पूरे भारत में लागू होगी और इसकी ऐतिहासिक शुरुआत देवभूमि उत्तराखंड से हुई है। उन्होंने कहा कि देश में सभी नागरिकों के लिए समान कानून होना विचार परिवार की प्राथमिकता रही है और यह जनसंघ व भारतीय जनता पार्टी के संकल्प पत्र का भी अहम हिस्सा रहा है।
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