Breaking News

“नार्को टेस्ट से हो फैसला या जेल जाने को तैयार!” डीजीपी से मिले भाजपा विधायक अरविंद पांडेय, परिवार समेत खुद को जांच में शामिल करने की मांग, दोषी निकला तो राजनीति से सन्यास, देखिए वीडियो में क्या कहा?

@शब्द दूत ब्यूरो (30 जनवरी 2026)

देहरादून। गदरपुर से भाजपा विधायक अरविंद पांडेय एक बार फिर फ्रंटफुट पर नजर आए। 20 जनवरी को उनके परिवार के सदस्यों पर दर्ज हुए गंभीर आपराधिक मुकदमे को लेकर आज वह उत्तराखंड पुलिस मुख्यालय (PHQ) पहुंचे और डीजीपी से मुलाकात कर जांच को लेकर बड़ा और चुनौतीपूर्ण प्रस्ताव रखा।

विधायक अरविंद पांडेय ने कहा कि उनके परिवार के लोगों पर 400 बीसी, कूट रचित प्रमाण पत्र तैयार करने और जान से मारने की धमकी जैसे गंभीर आरोपों में मुकदमा दर्ज किया गया है। उनका आरोप है कि यह मुकदमा एक षड्यंत्र के तहत दर्ज कराया गया है। इसी मामले को लेकर उन्होंने डीजीपी से मांग की कि मुकदमे की निष्पक्ष और त्वरित जांच होनी चाहिए।

उन्होंने स्पष्ट कहा कि इस पूरे प्रकरण में सिर्फ आरोपित ही नहीं, बल्कि मुकदमा लिखवाने वाले व्यक्ति और स्वयं उन्हें भी जांच के दायरे में लिया जाए। अरविंद पांडेय ने कहा कि दोनों पक्षों का नार्को टेस्ट और पॉलीग्राफ टेस्ट कराया जाए, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि सच कौन बोल रहा है और झूठ कौन।

विधायक ने दो टूक कहा,
“अगर मैं या मेरे परिवार के लोग दोषी पाए जाते हैं, तो उन्हें जेल जाना चाहिए। लेकिन अगर यह पूरा मामला साजिश है, तो मेरे परिवार को बेवजह क्यों झेलना पड़े?”

उन्होंने यह भी कहा कि वे पिछले करीब 30 वर्षों से राजनीति में हैं, जिसमें 25 साल विधायक और 5 साल नगरपालिका अध्यक्ष के रूप में सेवाएं दी हैं। ऐसे में यदि कभी पद का दुरुपयोग हुआ हो, तो उसकी भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

अरविंद पांडेय ने यह भी मांग की कि नेताओं पर लगे मामलों की जांच और कोर्ट की सुनवाई में तेजी लाई जाए, जैसा कि केंद्र सरकार की मंशा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस केस में दस्तावेजों और अभिलेखों की भी गहन जांच होनी चाहिए, ताकि “दूध का दूध और पानी का पानी” हो सके।

इसके साथ ही उन्होंने एक अन्य प्रकरण का जिक्र करते हुए कहा कि यदि किसी मामले में किसी व्यक्ति के आरोप 100 प्रतिशत गलत हों, तो अधिकारियों को कटघरे में खड़ा नहीं किया जाना चाहिए, लेकिन यदि आरोप सही हों तो कोई भी बचना नहीं चाहिए। इसी आधार पर उन्होंने संबंधित मामले में सीबीआई जांच की मांग को भी उचित ठहराया।

अब इस पूरे घटनाक्रम के बाद सियासी गलियारों में हलचल तेज हो गई है और नजरें राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन पर टिकी हैं कि वे भाजपा के इस वरिष्ठ विधायक की मांग पर क्या कदम उठाते हैं।

Check Also

काशीपुर में  डंपर का कहर: दूध कारोबारी की मौत के बाद भड़का जनाक्रोश, सड़क पर जमीन पर बैठे नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य भड़के अफसरों पर सुनाई खरी खोटी, देखिए वीडियो

🔊 Listen to this @शब्द दूत ब्यूरो (09 फरवरी 2026) काशीपुर। ओवरलोड डंपरों की बेलगाम …

googlesyndication.com/ I).push({ google_ad_client: "pub-