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काशीपुर :भारतीय समाचार पत्र दिवस पर श्रीराम इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड टैक्नालाजी कॉलेज में डिजिटल दौर में प्रिंट मीडिया की प्रासंगिकता पर गहन मंथन, देखिए वीडियो

@शब्द दूत ब्यूरो (29 जनवरी 2026)

काशीपुर। भारतीय पत्रकारिता की गौरवशाली परंपरा, लोकतंत्र में मीडिया की निर्णायक भूमिका और समाज निर्माण में समाचार पत्रों के योगदान को केंद्र में रखते हुए श्रीराम इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी (SIMT & PG College), काशीपुर में भारतीय समाचार पत्र दिवस के अवसर पर एक भव्य शैक्षणिक एवं सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। यह आयोजन पत्रकारिता जगत के प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करने के साथ-साथ विद्यार्थियों के लिए संवाद, सीख और विचार-मंथन का एक सशक्त मंच साबित हुआ।

कार्यक्रम का उद्देश्य भारत के पहले समाचार पत्र “हिक्कीज बंगाल गजट” के प्रकाशन की ऐतिहासिक स्मृति को जीवंत करना था, जिसने देश में स्वतंत्र अभिव्यक्ति और जनमत निर्माण की नींव रखी। इस अवसर पर शिक्षा, मीडिया और समाज के आपसी संबंधों को रेखांकित करते हुए यह संदेश दिया गया कि डिजिटल युग के बावजूद समाचार पत्र आज भी सत्य, तथ्य और विवेक की मशाल थामे लोकतंत्र की रक्षा कर रहे हैं। समारोह में बड़ी संख्या में छात्र, शिक्षक, पत्रकार एवं गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे, जिससे पूरा परिसर विचार, संवाद और प्रेरणा से सराबोर नजर आया।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में राजीव घई, अध्यक्ष, काशीपुर डेवलपमेंट फोरम ने अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि समाचार पत्र किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था की रीढ़ होते हैं, क्योंकि यही वह माध्यम हैं जो सत्ता, समाज और आमजन के बीच सेतु का कार्य करते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि पत्रकारिता का उद्देश्य केवल सूचना देना नहीं, बल्कि सत्य को सामने लाना, समाज की आवाज बनना और व्यवस्था को आईना दिखाना है। सोशल मीडिया और त्वरित सूचनाओं के इस दौर में प्रिंट मीडिया की जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है। उन्होंने निर्भीक, निष्पक्ष और संवेदनशील पत्रकारिता पर बल देते हुए विद्यार्थियों से समाचार पत्र पढ़ने की आदत विकसित करने का आह्वान किया।

कार्यक्रम में मीडिया जगत की सशक्त उपस्थिति देखने को मिली। विशिष्ट अतिथि एवं पैनल चर्चा विशेषज्ञ के रूप में आदर्श सिंह (ब्यूरो चीफ, अमर उजाला), दिलप्रीत सेठी (अध्यक्ष, प्रेस मीडिया सेंटर, काशीपुर), रूपेश कुमार शर्मा (मैनेजर, दैनिक जागरण, रुद्रपुर), विनोद भगत (एडिटर-इन-चीफ, शब्द दूत) तथा गणेश रावत (वरिष्ठ रिपोर्टर, टीवी एवं प्रिंट मीडिया, रामनगर) सहित अनेक अनुभवी पत्रकार मौजूद रहे। वक्ताओं ने प्रिंट मीडिया की बदलती भूमिका, डिजिटल युग की चुनौतियों और पत्रकारिता की नैतिक जिम्मेदारियों पर अपने विचार साझा किए। चर्चा में यह बात स्पष्ट रूप से उभरकर सामने आई कि तकनीकी विकास के बावजूद समाचार पत्रों की विश्वसनीयता और गहराई आज भी कायम है।

संस्थान के निदेशक प्रो. डॉ. योगराज सिंह ने अपने विचारोत्तेजक संबोधन में कहा कि पत्रकारिता केवल एक पेशा नहीं, बल्कि समाज के प्रति एक नैतिक दायित्व है। उन्होंने मीडिया एथिक्स, तथ्यपरक रिपोर्टिंग और सत्य के प्रति प्रतिबद्धता को पत्रकारिता की असली ताकत बताया। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम छात्रों को पुस्तकों से आगे बढ़कर व्यावहारिक अनुभव और वास्तविक दुनिया से जोड़ते हैं।

संस्थान के अध्यक्ष  रविंद्र कुमार ने कहा कि समाचार पत्र लोकतंत्र की आत्मा हैं, जो समाज को दिशा देने का कार्य करते हैं। वहीं प्राचार्य डॉ. एस. एस. कुशवाहा ने कहा कि इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य छात्रों को पत्रकारिता की शक्ति, मीडिया की सामाजिक जिम्मेदारी और लोकतांत्रिक मूल्यों से जोड़ना है। उन्होंने मीडिया साक्षरता को आज के समय की आवश्यकता बताया।

कार्यक्रम का  संचालन फराह नईम द्वारा किया गया। समारोह के अंत में स्थानीय एवं क्षेत्रीय मीडिया प्रतिनिधियों को उपहार भेंट कर सम्मानित किया गया। धन्यवाद ज्ञापन के साथ कार्यक्रम का समापन सहभोज के साथ हुआ। कुल मिलाकर यह आयोजन पत्रकारिता और समाज के रिश्ते को मजबूत करने के साथ-साथ विद्यार्थियों के लिए एक प्रेरणादायक, ज्ञानवर्धक और यादगार अनुभव सिद्ध हुआ।

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